नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही, 750 लोगों की मौत

अगस्त 30, नई दिल्ली: नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से तबाही का सिलसिला जारी है। आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 750 हो गई है, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित सभी आठ जिलों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक 8,186 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, कीचड़ और मलबे के तेज बहाव ने मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई है।
आपदा में सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय एजेंसियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मदद भी पहुंच रही है। इस बीच, भारत ने नेपाल के लिए 68.5 टन राहत सामग्री भेजी है। रविवार को 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथा भारतीय विमान भी नेपाल पहुंचा।
भारत ने राहत अभियान में मदद के लिए सुरंग विशेषज्ञों, खोज एवं बचाव उपकरणों और डीएनए विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है। भारतीय तकनीकी दल ने नुवाकोट के त्रिशूली क्षेत्र में जलविद्युत सुरंगों का निरीक्षण किया है।
इसके अलावा, 230 फुट लंबे बेली ब्रिज के निर्माण से जुड़े उपकरण लेकर 16 ट्रक भी नेपाल पहुंच चुके हैं। भारत की सहायता से बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क और संपर्क व्यवस्था को जल्द बहाल करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। फ़ाइल फ़ोटो