नेपाल बाढ़ के बीच मिला करोड़ों का सोना, 8 घंटे के ऑपरेशन में बरामद बेतहाशा संपत्ति

नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. अब तक इस बाढ़ में मरने वालों की संख्या 903 तक पहुंच गई है. बाढ़ और मलबे की चपेट में नुवाकोट जिले के त्रिशूली इलाके में स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा भी आ गई. कई दिनों तक पानी और मलबे में घिरे बैंक परिसर में करोड़ों रुपये की संपत्ति फंसी रही.
हालात में कुछ सुधार के बाद पुलिस और बचाव टीम ने जोखिम उठाकर बैंक के अंदर अभियान चलाया और बड़ी मात्रा में सोना, नकदी और अन्य कीमती सामान सुरक्षित बाहर निकाला.
सरकार की ओऱ से इस बेतहाशा संपत्ति को बरामद कर लिया गया है. 8 घंटे चला बैंक के अंदर रेस्क्यू ऑपरेशन बाढ़ के दौरान कृषि विकास बैंक की त्रिशूली-ढुंगे शाखा पूरी तरह पानी और मलबे से प्रभावित हो गई थी. बैंक के लॉकर और अन्य हिस्सों तक पहुंचना आसान नहीं था.
पानी, कीचड़ और क्षतिग्रस्त ढांचे के बीच बचावकर्मियों को काफी सावधानी से आगे बढ़ना पड़ा. करिब ८ घण्टाको निरन्तर प्रयास पछि कृषि विकास बैंक, त्रिशूली ढुंगे शाखाबाट करिब रु. १.५ करोड नगद, अनुमानित रु. ५० करोडको सुन तथा महत्वपूर्ण कागजात सुरक्षित स्थानमा सार्दै नेपाल प्रहरी ।
pic.twitter.com/vAOoOP2VT8 — Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 30, 2026 पुलिस और संबंधित टीमों ने करीब आठ घंटे तक लगातार अभियान चलाया.
इस दौरान बैंक में रखी कीमती संपत्तियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला गया. 50 करोड़ नेपाली रुपये का सोना बरामद अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू अभियान के दौरान करीब 50 करोड़ नेपाली रुपये मूल्य का सोना बरामद किया गया.
इसके अलावा लगभग डेढ़ करोड़ नेपाली रुपये नकद, चांदी और अन्य कीमती सामान भी सुरक्षित निकाला गया. बैंक से महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया. इतने बड़े मूल्य की संपत्ति को बाढ़ग्रस्त परिसर से सुरक्षित निकालना प्रशासन और बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती थी.
भोटेकोशी नदी ने मचाई भारी तबाही भोटेकोशी नदी में आई तेज बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. तेज बहाव के कारण सड़कें और आसपास के इलाके जलमग्न हो गए, जबकि कई स्थानों पर मलबा जमा होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ. बाढ़ के बीच बैंक तक पहुंचना भी बचाव टीम के लिए जोखिम भरा था.
पानी कम होने के बाद भी मलबे और क्षतिग्रस्त ढांचे के कारण अंदर जाना चुनौतीपूर्ण बना रहा. 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला गया नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मुताबिक, पिछले दिनों की प्राकृतिक आपदा के दौरान अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.
राहत और बचाव अभियान के लिए 394 उड़ानें संचालित की गई हैं, जिनमें रविवार को 72 उड़ानें शामिल थीं. प्रभावित इलाकों में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 20,618 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. सरकार का कहना है कि खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव अभियान लगातार जारी है.
भारतीय विशेषज्ञ भी रेस्क्यू में जुटे जलविद्युत परियोजना क्षेत्रों से नेपाली सेना के हेलीकॉप्टरों के जरिए 279 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. वहीं, भारतीय विशेषज्ञों की टीम ने रसुवा में अपर त्रिशूली-1 परियोजना के आसपास अभियान चलाकर दो दिनों में करीब 250 लोगों को बचाया.
भारत के साथ चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ टीमें भी नेपाली सेना के साथ राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रही हैं. भारतीय विशेषज्ञ सुरंग के भीतर करीब तीन किलोमीटर तक खोज अभियान चला रहे हैं. प्राकृतिक आपदा ने बढ़ाई चुनौती भोटेकोशी की बाढ़ ने नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है.
एक ओर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश जारी है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ में फंसी संपत्ति और जरूरी दस्तावेजों को बचाना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन गई है. कृषि विकास बैंक से करोड़ों की संपत्ति की बरामदगी इसी चुनौतीपूर्ण अभियान का एक अहम उदाहरण है.
यह भी पढ़ें - नेपाल में बाढ़ की वजह से धार्मिक पर्यटन को भारी नुकसान, पशुपतिनाथ से लेकर मनोकामना मंदिर तक के जानें हालात
📡 स्रोत: NewsData.io