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नेपाल बाढ़ का दर्द अमेरिका तक पहुंचा, लापता अपनों की तलाश में परिवारों ने जताई एकजुटता

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 11 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल बाढ़ का दर्द अमेरिका तक पहुंचा, लापता अपनों की तलाश में परिवारों ने जताई एकजुटता

नेपाल में आई भीषण बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के ल‍िए उत्तरी वर्जीनिया में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. लोगों ने मोमबत्‍ति‍यां जलाकर लोगों श्रद्धांजलि दी.

लोगों ने इस आपदा में अपने लापता प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे परिवारों के साथ एकजुटता द‍िखाई.

साउथ राइडिंग टाउन ग्रीन में आयोजित इस सर्वधर्म प्रार्थना सभा में दोस्त, पड़ोसी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और विभिन्न धर्मों के नेता शामिल हुए.

इस दौरान भारतीय मूल के अमेरिकी लॉमेकर सुहास सुब्रमण्यम ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि लापता लोगों में से कई वर्जीनिया के रहने वाले हैं. इनमें कुछ लोग लाउडाउन काउंटी से थे, जहां यह प्रार्थना सभा आयोजित की गई.

उन्होंने बताया कि वे इनमें से कई लोगों को व्यक्तिगत रूप से जानते थे.

सुहास सुब्रमण्यम ने आईएएनएस को बताया, "मैं उन्हें उस समय से जानता हूं जब मैं कुछ भी नहीं था, कांग्रेस का सदस्य बनना तो बहुत दूर की बात थी। ऐसी घटना होना बेहद दुखद है." यह आयोजन परिवारों और दोस्तों को अपने दुख साझा करने का एक अवसर देने के लिए किया गया था.

साथ ही इससे पूरे समुदाय को यह संदेश देने का मौका मिला कि जो लोग अपने प्रियजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं, वे अकेले नहीं हैं. सुब्रमण्यम ने कहा, "उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.

उन्हें नहीं पता कि वास्तव में क्या हो रहा है और उन्हें लगातार अपडेट भी नहीं मिल रहे हैं." ये भी पढ़ें: Brics Summit 2026 LIVE Updates: नई दिल्ली पहुंचे रूस-नाइजीरिया के विदेश मंत्री, विदेश मंत्रालय ने गर्मजोशी के किया स्वागत उन्होंने बताया कि उनका कार्यालय अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है.

मैंने खुद कई बार विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) के अधिकारियों से बात की है. हमारी टीम लगभग हर दिन उनसे संपर्क में रहती है.

उन्होंने कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने बचाव अभियान में मदद के लिए उपकरणों से भरा एक सैन्य विमान भेजा है.

रक्षा विभाग ने भी खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों के साथ एक सैन्य विमान वहां भेजा है.

सुब्रमण्यम ने बताया कि बरामद किए गए शवों की पहचान में मदद के लिए अधिकारियों की ओर से परिजनों के डीएनए नमूने जुटाने का काम किया जा रहा है.

लाउडाउन काउंटी के शेरिफ भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे और उन्होंने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा समुदाय एक परिवार की तरह साथ खड़ा है. शेरिफ ने कहा, "हम सब एक बड़ा परिवार हैं.

यहां जुटे लोगों को देखकर साफ पता चलता है कि वे कितने समर्पण के साथ प्रार्थना कर रहे हैं और हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं." उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित परिवारों की मदद करता रहेगा.

हमारी भूमिका यहां परिवारों का सहयोग करने, इस कार्यक्रम को समर्थन देने और जिन लोगों को किसी भी तरह की मदद की जरूरत है, उनकी सहायता करने की है.

लाउडाउन काउंटी के निवासी और शेरिफ कार्यालय से जुड़े श्रीधर नागराडी ने बताया कि काउंटी के सात लोग अब भी लापता हैं.

उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय के प्रतिनिधि हर रात टेलीफोन पर बातचीत करते हैं ताकि जानकारी साझा की जा सके और जरूरत पड़ने पर मदद पहुंचाई जा सके.

ये भी पढ़ें: BRICS Summit 2026: किनुआ बिरयानी से लेकर सत्तू तक, विदेशी मेहमानों की थाली में दिखेगा हिंदुस्तान का देसी स्वाद उन्होंने कहा, "हम हर रात नौ बजे एक कॉल करते हैं। किसी को भी मदद की जरूरत हो, हम उसके लिए मौजूद हैं. " पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रार्थनाएं, लोगों की व्यक्तिगत यादें और मौन श्रद्धांजलि का सिलसिला चलता रहा.

अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने लोगों को सांत्वना देने वाले संदेश दिए.

प्रतिभागियों से कहा गया कि वे अपनी मोमबत्तियां ऊंची उठाएं, ताकि इस त्रासदी से प्रभावित हर व्यक्ति को याद किया जा सके.

आयोजकों ने कहा, "नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वाले सभी लोगों और अब भी लापता अमेरिकी नागरिकों तथा निवासियों के लिए हमारे दिल दुख से भरे हुए हैं." सभा का समापन एक और मौन श्रद्धांजलि के साथ हुआ. Input: Ians

📡 स्रोत: NewsData.io

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