Nepal में बाढ़ का नया खतरा! दार्चुला में भारी भूस्खलन से चौलानी नदी का बहाव बाधित, निचले इलाकों में अलर्ट जारी
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नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दार्चुला जिले में हुए एक भीषण भूस्खलन के कारण चौलानी नदी (चमेलिया नदी) का बहाव आंशिक रूप से रुक गया है। मलबे के कारण नदी का रास्ता बाधित होने से प्रशासन ने अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की गंभीर आशंका जताई है और तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।
यह भूस्खलन एपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टार इलाके में हुआ, जिससे भारी मात्रा में मलबा नदी में गिर गया और उसका बहाव बाधित हो गया। दार्चुला ज़िला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि और भूस्खलन होने से नदी पूरी तरह से बंद हो सकती है, जिससे अचानक बांध टूटने और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने का खतरा पैदा हो सकता है।
इसे भी पढ़ें: Asian Games में तीन स्पर्धाओं में उतरेंगी Parul Chaudhary, कहा- कड़ा अभ्यास देगा सफलता नदी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और ज़रूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में लोगों को जानकारी देने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
सुदूरपश्चिम के मुख्यमंत्री खगराज भट्टा ने स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और किसी भी संभावित आपात स्थिति के लिए तैयारी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने बाढ़ और आपदा से जुड़ी मदद के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इसे भी पढ़ें: नेपाल को डुबोने वाले चीन में भीषण तबाही, लगा लाशों का ढेर!
आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स ने कहा कि चौलानी नदी अभी सामान्य स्तर पर बह रही है। हालांकि, स्थिति पर नज़र रखने और ज़रूरत पड़ने पर आस-पास के समुदायों को चेतावनी देने के लिए बालंच स्थित नेपाल चमेलिया जलविद्युत सुरक्षा बेस के कर्मियों को तैनात किया गया है। चौलानी नदी, जिसे चमेलिया के नाम से भी जाना जाता है, एपी हिमाल क्षेत्र से निकलती है और अंत में महाकाली नदी में मिल जाती है, जो नेपाल-भारत सीमा का हिस्सा है।
यह ताज़ा चेतावनी ऐसे समय में आई है जब नेपाल कई इलाकों में भीषण बाढ़ और अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के असर से जूझ रहा है। हाल की बाढ़ से लोगों के विस्थापित होने, मौतों और बड़े पैमाने पर नुकसान के बाद बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी हैं। नदी के आंशिक रूप से बंद होने से चिंता बढ़ गई है कि और भारी बारिश से अस्थिर स्थिति और बिगड़ सकती है और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की एक और आपात स्थिति पैदा हो सकती है।
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📡 स्रोत: NewsData.io