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नेपाल में बाढ़ की तबाही पर अमेरिका ने बढ़ाया मदद का हाथ, ट्रंप बोले- ‘जो चाहिए, मांग सकते हैं’

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल में बाढ़ की तबाही पर अमेरिका ने बढ़ाया मदद का हाथ, ट्रंप बोले- ‘जो चाहिए, मांग सकते हैं’

नेपाल-चीन सीमा से सटे इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा के बीच अमेरिका ने नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नेपाल को राहत और बचाव कार्यों के लिए जिस भी तरह की सहायता की जरूरत होगी, अमेरिका उसे उपलब्ध कराने के लिए तैयार है.

वहीं, बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाने की खबर ने अमेरिकी प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है. ट्रंप ने नेपाल को हरसंभव मदद का भरोसा दिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नेपाल में हुई तबाही को बेहद भयावह बताया.

उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही नेपाल के नेतृत्व के संपर्क में है और आवश्यक मदद उपलब्ध कराने की पेशकश कर चुका है. VIDEO | On Nepal flash floods, US President Donald Trump ( @POTUS ) says, "We've called Nepal, and we've offered any help that they need. We have a very good relationship with Nepal, and that was brutal...

Nobody's ever seen anything quite like that... strong, well-built buildings... pic.twitter.com/sID3GL1xxK — Press Trust of India (@PTI_News) August 28, 2026 ट्रंप के मुताबिक, नेपाल अमेरिका का मित्र देश है और इस मुश्किल समय में उसे अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.

उन्होंने कहा कि नेपाल को जिस भी चीज की जरूरत होगी, वह मांग सकता है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है. बाढ़ की भयावहता पर ट्रंप ने जताई चिंता नेपाल में आई बाढ़ की तीव्रता का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि तबाही इतनी गंभीर है कि मजबूत और अच्छी तरह बनी इमारतें तक पानी के तेज बहाव में बह गईं.

उन्होंने इस घटना को बेहद भयावह बताते हुए नेपाल के लोगों के प्रति चिंता व्यक्त की. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका राहत कार्यों के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार है.

अमेरिकी प्रशासन लगातार नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. 90 अमेरिकी नागरिकों से संपर्क नहीं नेपाल में आई बाढ़ के बाद अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, करीब 90 अमेरिकी नागरिक ऐसे हैं, जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है.

प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनकी स्थिति का पता लगाने में लगा हुआ है. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, अब तक तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है. फिलहाल किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की सूचना नहीं मिली है.

ट्रंप ने सुरक्षित होने की जताई उम्मीद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कई अमेरिकी नागरिक मौजूद थे. उन्होंने उम्मीद जताई कि नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिक सुरक्षित होंगे. हालांकि, प्रभावित लोगों की पूरी और अंतिम सूची उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.

अमेरिकी अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए हुए हैं ताकि लापता या फंसे नागरिकों की सही जानकारी मिल सके और जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित निकासी कराई जा सके. अमेरिका ने पहले ही घोषित की आर्थिक मदद नेपाल की आपदा के बाद अमेरिका की ओर से शुरुआती राहत सहायता की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.

अमेरिकी प्रशासन ने आपदा राहत कार्यों में सहयोग के लिए एक आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार भेजने की बात कही थी. इसके अलावा नेपाल के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने का भी ऐलान किया गया है. यह सहायता राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने तथा प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाने में इस्तेमाल की जा सकती है.

नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी भीषण बाढ़ के बाद नेपाल के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और अन्य राहत टीमें फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं.

ऐसे समय में अमेरिका की मदद की पेशकश नेपाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. आने वाले दिनों में प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और स्पष्ट होने के साथ राहत अभियान का दायरा भी बढ़ने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें - सैटेलाइट तस्वीरों से खुलेगा नेपाल में आई बाढ़ का राज!

तबाही की वजह जानने की कोशिश कर रहे वैज्ञानिक

📡 स्रोत: NewsData.io

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