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नेपाल को भारत की लगातार मानवीय मदद, अब तक 95 टन राहत सामग्री भेजी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल को भारत की लगातार मानवीय मदद, अब तक 95 टन राहत सामग्री भेजी

सितंबर 04, नई दिल्ली: भीषण बाढ़ और तबाही से जूझ रहे नेपाल के लिए भारत की मानवीय सहायता लगातार जारी है। भारत ने राहत सामग्री की छठी और सातवीं खेप में साढ़े 21 टन जरूरी सामान नेपाल भेजा है। इसमें फोरेंसिक किट और चिकित्सा सामग्री भी शामिल है। इसके साथ ही भारत अब तक नेपाल को कुल 95 टन राहत सामग्री भेज चुका है।

भारत ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम के साथ-साथ खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों से लैस तकनीकी दल भी नेपाल भेजे हैं। 26 अगस्त को नेपाल में आपदा के तुरंत बाद भारत ने पहली खेप के तौर पर 10 टन राहत सामग्री भेजी थी। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।

इसके बाद 27 अगस्त को दूसरी खेप में 37.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंची। इसमें टेंट, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, रसोई सेट, जनरेटर, दवाइयां और खाद्य सामग्री भेजी गई। इसके बाद तीसरी खेप में 10 टन और राहत सामग्री पहुंचाई गई। 30 अगस्त को चौथा राहत विमान 11 टन सहायता सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा।

इसमें खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों के अलावा तकनीकी दल और डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी शामिल थी। साथ ही कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट भेजी गईं। 2 सितंबर को भारत ने पांचवां विमान नेपाल भेजा, जिसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां शामिल थीं।

भारत की ताजा सहायता ऐसे समय पहुंची है, जब नेपाल अभी भी रसुवा जिले में आई विनाशकारी बाढ़ के गंभीर प्रभावों से जूझ रहा है। फ़ाइल फ़ोटो

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नेपाल में लगातार हो रही बाढ़ के कारण लाखों लोगों को बाढ़ की आपदाओं से जूझना पड़ रहा है। इस संकट के बीच भारत ने मानवीय सहायता के रूप में 95 टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें फोरेंसिक किट और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत-नेपाल के बीच मानवीय सहयोग और आपसी विश्वास को दर्शाती है, और दर्शाती है कि भारत अपनी सीमा पर पड़ने वाली आपदाओं में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम जनता पर इसका असर सकारात्मक है: राहत सामग्री से प्रभावित लोगों की तात्कालिक जरूरतें पूरी होंगी, और दो

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।