Nepal Flash Flood: नेपाल में फंसे कितने भारतीयों से नहीं हो सका संपर्क? विदेश मंत्रालय ने बताया चौंकाने वाला आंकड़ा

नेपाल में आई भीषण फ्लैंश फ्लड के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिक अभी संपर्क से बाहर हैं. मंत्रालय ने साफ किया कि आंकड़े लगातार बदल रहे हैं और अलग-अलग सूचियों का मिलान किया जा रहा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार प्रभावित भारतीय नागरिकों से संपर्क स्थापित करने और उनको सुरक्षित निकालने के लिए लगातार काम कर रही है. 21 भारतीय नागरिक दिल्ली पहुंचे जायसवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गए.
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने काठमांडू में इन नागरिकों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य और स्थिति की जानकारी ली. इसके अलावा, त्रिशूली वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को गुरुवार को सुरक्षित बचाया गया था.
वहीं, चीन की ओर फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से जमीन के रास्ते नेपाल पहुंच चुके हैं. अब उन्हें नेपाल से बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन 96 नागरिकों की पूरी जानकारी की पुष्टि होने के बाद उनके बारे में और विवरण साझा किया जाएगा. 100 भारतीय मूल के लोग भी संपर्क से बाहर MEA के अनुसार, करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी फिलहाल संपर्क में नहीं हैं.
इनमें वे लोग शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गए थे, लेकिन उनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है और वे अन्य देशों के नागरिक हैं. जायसवाल ने कहा कि नेपाल में स्थिति लगातार बदल रही है.
इसलिए लापता और संपर्क से बाहर लोगों की संख्या में बदलाव हो सकता है. विभिन्न एजेंसियों और स्रोतों से मिली सूचियों का मिलान भी किया जा रहा है. दिल्ली, काठमांडू और बीजिंग से निगरानी भारतीय विदेश मंत्रालय का नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रख रहा है.
इसके साथ ही काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों के कंट्रोल ग्रुप भी राहत और बचाव अभियानों में समन्वय कर रहे हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी नेपाल में चल रहे राहत और बचाव अभियान की समीक्षा की.
उन्होंने काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों से भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनके बचाव को लेकर जानकारी ली. उन्होंने कहा कि इस मामले को भारत सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. नेपाल में भारी तबाही यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद सामने आई.
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 538 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 977 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं.
बाढ़ के तेज बहाव में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर बहकर आए, जिससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के आसपास बड़े पैमाने पर तबाही हुई.
कई लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए और बड़ी संख्या में लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है. भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर राहत, बचाव और निकासी अभियान चला रही हैं. फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने, लापता नागरिकों से संपर्क स्थापित करने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है.
📡 स्रोत: NewsData.io