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Nepal Flood: Chilime Hydroelectric Project सुरंग में 70 मीटर मलबा हटा, छह कामगारों की तलाश जारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Nepal Flood: Chilime Hydroelectric Project सुरंग में 70 मीटर मलबा हटा, छह कामगारों की तलाश जारी

नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ की वजह से चिलीमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे कर्मियों को बचाने की कोशिश कर रहे भारतीय-नेपाली दल 70 मीटर तक का मलबा हटा चुके हैं और माना जा रहा है छह कर्मचारी वहां फंसे हुए हैं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को बताया कि सुरंग में जारी बचाव कार्य में मिट्टी खोदने वाली मशीन और मलबा उठाने वाली मशीन की मदद ली जा रही है जिससे अभियान को गति मिली है।

उन्होंने कहा कि तकनीकी टीम ने लगभग 70 मीटर और रास्ता साफ किया है। परियोजना प्रबंधक के मुताबिक, जलविद्युत केंद्र सुरंग में और 60 मीटर की गहराई में है। श्रीवास्तव ने कहा कि बचाव दल वहां तक ​​पहुंचने के लिए रात भर काम करते रहे। अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बचाव स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क भी तैयार कर ली है।

इसके अलावा, नेपाली सेना ने बताया कि उसने स्याफ्रुबेसी से चिलीमे सुरंग तक एक किलोमीटर से अधिक लंबी पहुंच सड़क बनाई है, जिससे बचाव के उपकरण घटनास्थल के और करीब ले जाए जा सकेंगे। ‘खबरहब’ समाचार पोर्टल की खबर के मुताबिक, नेपाली सेना और भारतीय बचावकर्मी मिलकर चिलीमे सुरंग के अंदर काम कर रहे हैं।

खबर के अनुसार, सेना ने ऊपरी त्रिशूली-3बी जलविद्युत परियोजना पर बचाव कार्यों को भी प्राथमिकता दी है, जहां 100 से अधिक सैनिकों को तैनात किया गया है। ‘द हिमालयन टाइम्स’ ने रविवार को खबर दी कि नेपाली सेना के जवान ऊपरी त्रिशूली-3बी परियोजना स्थल पर खोज और बचाव अभियान जारी रखे हुए थे। हालांकि, चिलीमे में इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बचाव दल का उन छह कर्मचारियों से संपर्क हो गया है।

खबरों के मुताबिक, बचाव दल को उस जगह के पास वायु प्रवाह का एक स्थान मिला है, जहां कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वे जीवित हैं या उनसे संपर्क हो गया है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण अचानक भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई है।

इस आपदा में अब तक 1400 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 5000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। माना जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल विद्युत परियोजनाओं से जुड़ी करीब एक दर्जन सुरंगों में लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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