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Nepal Flood Crisis: जल प्रलय के बाद 1003 शव बरामद, 583 Foreigners समेत 4000 लोग अब भी मिसिंग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Nepal Flood Crisis: जल प्रलय के बाद 1003 शव बरामद, 583 Foreigners समेत 4000 लोग अब भी मिसिंग

नेपाल भयानक अचानक आई बाढ़ के असर से जूझ रहा है। इस बाढ़ में 1,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है, हज़ारों लोग लापता हैं और पूरे देश में भारी तबाही हुई है। यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ़ और चट्टानों के गिरने या हिमस्खलन के कारण आई।

इससे भोटेकोशी नदी में पानी का ज़बरदस्त बहाव आया, जिसने बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया और सड़कों, पुलों और पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुँचाया। बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश और फिर से बाढ़ आने की चेतावनी ने प्रभावित इलाकों तक पहुँचने की कोशिशों को मुश्किल बना दिया है।

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चितवन में सबसे ज़्यादा 321 लोगों की मौत हुई है, और इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 216 मौतें हुई हैं। 583 विदेशी नागरिकों समेत लगभग 4,000 लोग अभी भी लापता हैं, जिससे यह आशंका बढ़ गई है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। अब तक लगभग 12,000 लोगों को बचाया जा चुका है।

नेपाल सरकार ने खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए 21,300 से ज़्यादा सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया है। हेलीकॉप्टर उन इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और बाढ़ से कटे हुए समुदायों तक खाना और अन्य ज़रूरी सामान पहुंचाने के लिए लगातार उड़ानें भर रहे हैं, जहां पहुंचना मुश्किल है।

बाढ़ के नए खतरे से नेपाल अलर्ट पर बचाव दल अभी भी जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं, और इसी बीच नेपाल पर बाढ़ का नया खतरा मंडरा रहा है। रुक-रुक कर हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों ने पूर्वी, मध्य और पश्चिमी नेपाल के कुछ हिस्सों में नई चेतावनी जारी की है।

रसुवा और नुवाकोट उन इलाकों में शामिल हैं जहाँ खतरा ज़्यादा है, जबकि कई अन्य ज़िलों के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है। ऊर्जा मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ ने मंगलवार को ऊर्जा और मौसम विभाग के अधिकारियों तथा अन्य विशेषज्ञों के साथ बैठक की।

इस बैठक में रसुवा, नुवाकोट और अन्य प्रभावित इलाकों में मौसम की स्थिति और बाढ़ के संभावित खतरों का जायज़ा लिया गया।

📡 स्रोत: NewsData.io

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