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नेपाल में 'महाप्रलय' के बाद हुई सर्वदलीय बैठक, 8 पार्टियों ने चीन को लेकर की ये मांग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल में 'महाप्रलय' के बाद हुई सर्वदलीय बैठक, 8 पार्टियों ने चीन को लेकर की ये मांग

Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ आपदा ने काफी प्रलय मचाई. अब तक 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा सैकड़ों लोग अभी तक लापता हैं. इसके बाद सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में नेपाल की 8 राजनीतिक पार्टियां शामिल हुईं. इस दौरान सभी ने चीन को लेकर एक मांग की है.

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, भोटेकोशी बाढ़ के बाद गुरुवार को नेपाल में हिमनदी झीलों से पैदा होने वाले खतरे को लेकर चिंता बढ़ गई है. 8 राजनीतिक दलों ने सरकार से चीन के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र की हिमनदी झीलों का वैज्ञानिक अध्ययन कराने की मांग की है.

इसके लिए दोनों देशों के बीच एक संयुक्त वैज्ञानिक और तकनीकी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है. वैज्ञानिक जांच और मैपिंग की उठी मांग राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबी लामिछाने की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राजनीतिक दलों ने बाढ़ से हुए नुकसान और भविष्य के आपदा जोखिमों से निपटने के लिए कई सुझाव दिए.

दलों ने पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए एक संसदीय तंत्र बनाने पर भी सहमति जताई. बैठक में कहा गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण नेपाल और तिब्बत के पहाड़ी इलाकों में हिमनदी झीलों के फटने या अचानक पानी बढ़ने का खतरा बढ़ रहा है.

इसलिए नेपाल में ज्यादा जोखिम वाली झीलों की तुरंत पहचान, वैज्ञानिक जांच और मैपिंग की जरूरत है.

यह भी पढ़ें: Nepal Flood: नेपाल ने चीन पर लगाया बड़ा आरोप, ड्रैगन बोला-दोष देने से कुछ हासिल नहीं होने वाला All party meeting held after Nepal Flood मजबूत हो सीमा पार चेतावनी सिस्टम राजनीतिक दलों ने नेपाल और चीन के बीच एक मजबूत अर्ली वॉर्निंग सिस्टम बनाने की भी मांग की.

इसमें सीमा पार बहने वाली नदियों का रियल टाइम डेटा साझा करने की व्यवस्था शामिल हो. इससे नदी के ऊपरी हिस्से में पानी का स्तर या दूसरी असामान्य गतिविधि बढ़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सकेगा. इससे प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बड़े नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी.

यह भी पढ़ें: Nepal Flood Live Updates: नेपाल सरकार ने जुटाए 20 अरब रुपये, विश्व बैंक से मांगेगी 25 अरब पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए संसदीय व्यवस्था पर सहमति आठों दलों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए एक संसदीय तंत्र बनाने पर भी सहमति जताई.

यह व्यवस्था राहत के साथ-साथ पुनर्निर्माण, जलवायु अनुकूलन, आपदा नीति और भविष्य की आपात स्थितियों में सरकार की तैयारियों पर नजर रखेगी. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आपदा प्रबंधन सिर्फ राहत और बचाव तक सीमित नहीं होना चाहिए.

भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए पहले से तैयारी और लंबे समय की योजना जरूरी है. नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा ने कहा कि राजनीतिक दलों को सरकार के साथ मिलकर राहत, बचाव और पुनर्निर्माण में मदद करनी चाहिए.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रभावित इलाकों में स्वयंसेवक के तौर पर तैनात करने का भी समर्थन किया.

📡 स्रोत: NewsData.io

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