नेपाल के बाद अब नई आफत का डर! भारत के करीब बनी झील पर वैज्ञानिकों की पैनी नजर, 72 घंटे हैं बेहद अहम?

Flood Risk: नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच अब एक और संभावित खतरे ने चिंता बढ़ा दी है. नेपाल-चीन सीमा के नजदीक छोछेन खोला और पुरेपू त्सांगपो नदियों के संगम क्षेत्र में एक बड़ी प्राकृतिक बैरियर लेक बनने की जानकारी सामने आई है.
इस झील के बनने के बाद चीन के अधिकारी और वैज्ञानिक लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं. विशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता झील को रोकने वाले प्राकृतिक बांध की मजबूती को लेकर है.
अगर पानी का दबाव लगातार बढ़ता रहा और यह प्राकृतिक अवरोध कमजोर होकर टूट गया, तो अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर बह सकता है. ऐसी स्थिति में कुछ ही समय में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. अगले 72 घंटे पर क्यों टिकी नजर?
चीन के जल संसाधन मंत्रालय की ओर से स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अगले 72 घंटों को महत्वपूर्ण बताया गया है. इस दौरान इलाके में रियल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ फ्लड सिमुलेशन किया जा रहा है.
वैज्ञानिक यह अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्राकृतिक बांध में दरार बढ़ने या उसके टूटने की स्थिति में पानी किस दिशा में जाएगा और कितनी तेजी से नीचे के इलाकों तक पहुंच सकता है. बताया गया है कि चीन की ओर से 27 अगस्त को करीब 3:30 बजे इस खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी.
फिलहाल निगरानी का मुख्य उद्देश्य झील के जलस्तर और प्राकृतिक बांध की स्थिरता पर लगातार नजर रखना है. ये भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026 Live Updates: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
📡 स्रोत: NewsData.io