देश

नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से 1,243 लोगों की मौत, हजारों अब भी लापता

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से 1,243 लोगों की मौत, हजारों अब भी लापता

सितंबर 03, नई दिल्ली: नेपाल और तिब्बत में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,243 हो गई है। नेपाल में अब तक 1,222 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4,875 लोग अभी भी लापता हैं। वहीं, तिब्बत में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है और 541 लोग लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल में बारिश और मलबे के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है। भोटेकोशी नदी के मार्ग में बनी सुरंगों और भूमिगत बिजलीघरों में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन से जुड़ी इस आपदा का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष मजबूती से उठाने की जरूरत है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब बाढ़ में लापता लोगों के परिवार उनके प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं। इस आपदा में 583 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी है।

नेपाली सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने हेलीकॉप्टरों तथा जमीनी मार्गों के जरिए अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। खोज और बचाव अभियान में करीब 21,314 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। नेपाल सीमा से लगे तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है।

चीन के इस क्षेत्र में मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है, जबकि 541 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल को एशियाई विकास बैंक, विश्व बैंक, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदारों ने सहायता का भरोसा दिया है।

जलविद्युत परियोजना स्थलों पर राहत और बचाव अभियान में भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ दल भी जुटे हैं। फ़ाइल फ़ोटो

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।