नेपाल में एक और तूफान की आहट के बीच इमरजेंसी घोषित, 5 गुना ज्यादा बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर

नेपाल में हालिया विनाशकारी बाढ़ की तबाही से लोग अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं कि नुवाकोट जिले में एक बार फिर अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया. धुंडे बाजार और आसपास के इलाकों में प्रशासन ने तत्काल अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी किनारे से हटकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की.
अधिकारियों की चेतावनी के मुताबिक ऊपर के इलाकों से पानी आने के बाद अगले 20 से 25 मिनट में बाढ़ का पानी यहां पहुंच सकता था. पुलिस ने कराया इलाके को खाली खतरे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें धुंडे बाजार में पहुंच गईं.
अधिकारियों ने लाउडस्पीकर और अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा. नदी के आसपास मौजूद लोगों को विशेष रूप से सतर्क किया गया.
प्रशासन का कहना था कि स्थिति तेजी से बदल सकती है और कुछ ही मिनटों में नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है. इस वजह से एहतियात के तौर पर तत्काल निकासी शुरू की गई. Alert !! pic.twitter.com/grYxhc5N7Q — Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 28, 2026 एक और बड़ी बाढ़ का डर क्यों?
नुवाकोट में पैदा हुआ यह खतरा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह इलाका हाल की भीषण बाढ़ से पहले ही प्रभावित हो चुका है. नदियों में अचानक आए तेज बहाव ने कई इलाकों में सड़क, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है.
ऐसे में यदि दोबारा तेज बाढ़ आती है तो पहले से कमजोर हो चुके संपर्क मार्गों और नदी किनारे बसे इलाकों में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं. नुवाकोट समेत आसपास के कई जिलों में प्रशासन पहले ही हाई अलर्ट पर है.
Nepal Police have issued an alert; tweets, "Information has been received that the water dam on the Tibetan side has burst again. Therefore, all security personnel, rescue workers involved in rescue and relief operations, and the general public are requested to remain immediately...
pic.twitter.com/zLqKIim91D — ANI (@ANI) August 28, 2026 चेतावनी ने बढ़ाई बेचैनी धुंडे बाजार में सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर रही कि संभावित बाढ़ के पहुंचने का समय बेहद कम बताया गया.
अधिकारियों ने लोगों को बताया कि ऊपर से पानी आने के बाद करीब 20 से 25 मिनट में इसका असर बाजार तक पहुंच सकता है. इतने कम समय में किसी इलाके को खाली कराना बड़ी चुनौती होती है. यही वजह है कि पुलिस ने लोगों से सामान बचाने के बजाय पहले अपनी जान सुरक्षित करने की अपील की और तुरंत ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को कहा.
नेपाल पहले ही झेल चुका है भारी तबाही 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी. नदियों में अचानक बढ़े पानी और मलबे के तेज बहाव ने बस्तियों, सड़कों, पुलों और बिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया. ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है.
कई लोग अब भी लापता हैं और प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण मुश्किलें आ रही हैं. नदियों में 5 गुना ज्यादा जल स्तर बढ़ने का खतरा बाढ़ की पहली तबाही के बाद अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि पहाड़ी इलाकों में मलबे और पानी के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह कई जगह प्रभावित हुआ है.
ऐसी परिस्थितियों में कहीं पानी जमा हो सकता है और अचानक अवरोध टूटने पर नीचे की ओर तेज लहर आ सकती है. ऐसे में नदियों में 5 गुना ज्यादा जल स्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है. विशेषज्ञ और प्रशासन दोनों ही नदी किनारे बसे लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं.
नेपाल में हालिया घटनाओं ने यह भी दिखाया है कि हिमालयी क्षेत्रों में बाढ़ कितनी तेजी से अपना रूप बदल सकती है. राहत अभियान के बीच प्रशासन की चुनौती धुंडे बाजार में जारी ताजा चेतावनी ने राहत एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है.
एक तरफ बचाव दल पहले की आपदा से प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ संभावित नए खतरे से लोगों को सुरक्षित निकालना जरूरी हो गया है. फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रखना है.
नेपाल में लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच स्थानीय लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें. य़ह भी पढ़ें - Nepal Flood Live Updates: नेपाल में बाढ़ के बाद बड़े तूफान का अलर्ट, नुवाकोट में इमरजेंसी घोषित
📡 स्रोत: NewsData.io