नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने कहा, भारत और नेपाल के पास अपनी साझेदारी को नया रूप देने का अवसर
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ऊर्जा सहयोग और सीमा-पार बिजली व्यापार के बारे में डॉ. वागले ने भारतीय निवेश से चल रही संयुक्त परियोजनाओं का जिक्र किया। डॉ. वागले ने नेपाल में हाल ही में बाढ़ के बाद भारत से त्वरित राहत और बचाव सहायता की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के इस वर्ष के अंत तक भारत आने की आशा है।
विदेश मंत्रालय में उत्तरी मामलों के अपर सचिव मुनु महावर ने भारत-नेपाल साझेदारी को प्रगाढ़ करने में अधिक महत्वाकांक्षी होने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने संपर्क सुविधा और बिजली जैसे क्षेत्रों में काफ़ी प्रगति की है। उन्होंने ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं और योजनाओं को आगे बढ़ाने के अवसर पर भी बल दिया जो दशकों से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों की असीम संभावनाएं है और इसलिए लक्ष्य तय करने में और अधिक महत्वाकांक्षा की ज़रूरत है।
इससे पहले स्वागत भाषण में, आरआईएस के महानिदेशक प्रोफ़ेसर सचिन कुमार शर्मा ने व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास सहयोग के क्षेत्रों में भारत-नेपाल के बीच मौजूद मज़बूत आपसी तालमेल पर बल दिया। उन्होंने आपसी सहयोग को और प्रगाढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आपसी संबंध नज़दीकी से आगे बढ़कर समृद्धि और आख़िरकार साझा समृद्धि की ओर बढ़ सके।