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नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए 2.75 करोड़ ठगने वाले गिरफ्तार:कंपनी का डायरेक्टर बनकर झांसे में लेते, सैलरी व इंवेस्टमेंट कराने का 5 प्रतिशत देते

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए 2.75 करोड़ ठगने वाले गिरफ्तार:कंपनी का डायरेक्टर बनकर झांसे में लेते, सैलरी व इंवेस्टमेंट कराने का 5 प्रतिशत देते

लखनऊ की गाजीपुर पुलिस ने नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए 2.75 करोड़ की ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दो साल से लगी थी। रविवार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। जहां दोनों साक्ष्य मांगा गया तो दे नहीं सके। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने बताया कि 6 फरवरी 2024 को मामपुर, कुर्सी रोड निवासी मोहम्मद अहमद और अमीर अली ने गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया कि ब्लूधौऊ ट्रेडिंग कंपनी में एजेंट के तौर पर काम करते थे। कंपनी के डायरेक्टर नगर कोतवाली बाराबंकी निवासी घनश्याम यादव (31) और फतेहपुर बाराबंकी निवासी प्रवीन कुमार (39) कंपनी में काम करने की सैलरी और क्लाइंट से निवेश कराने पर 5 प्रतिशत कमीशन देने का ऑफर दिया।

आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ितों ने खुद तथा अपने सगे-संबंधियों से भी कंपनी में रुपए निवेश कराया। कुछ समय बाद कंपनी के संचालक निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए। रुपए वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगे। पीड़ितों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच एसआई प्रभात बालियान को सौंपी गई।

लखनऊ से सटे जिलों में फैला नेटवर्क विवेचक प्रभात बालियान ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी नेटवर्क मार्केटिंग का काम करते हैं। जो बहराइच, सीतापुर सहित लखनऊ से सटे जिलों में फैला हुआ है। जांच में पता चला कि कंपनी वेस्ट बंगाल की है और डायरेक्टर चार लोग हैं, एक कोलकाता है, जबकि तीन बाराबंकी के रहने वाले हैं।

कंपनी पर 2019 और 2022 में भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। शिकायत करने वाले दोनों युवकों को 7 हजार सैलरी और कमीशन का लालच देकर रखा था। कई बार बुलाया गया लेकिन आरोपी नहीं आए। इसके बाद आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया। 13 सितंबर को नोटिस के जरिए घनश्याम यादव एवं प्रवीन कुमार चौकी एचएएल थाना गाजीपुर आए।

दोनों से कंपनी से जुड़े साक्ष्य मांगे गए तो दिखा नहीं सके। फिर पूछताछ में पता चला कि घटना के समय दोनों आरोपी ब्लूधौऊ ट्रेडिंग कंपनी के डायरेक्टर के पद पर थे। कंपनी में पैसा निवेश में कराने में एक्टिव थे। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। इनके गैंग के अन्य दो की तलाश जारी है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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