निजी बाइक को टैक्सी बनाने का रास्ता होगा साफ? गडकरी ने बताया बंपर कमाई का फॉर्मूला
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को 'सुरक्षा' नामक पायलट प्रोग्राम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने सभी राज्य सरकारों से अपील की, कि वो अपने राज्य में बाइक टैक्सी को चलाने की अनुमति दें. ये अनुमति केवल कुछ एप्स या वेबसाइट्स को ही नहीं बल्कि निजी वाहन चालकों को भी मिलनी चाहिए. जिससे देश में रोजगार बढ़ सके.
दरअसल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी चलाने की अनुमति देने की अपील की है. उनका कहना है कि बाइक टैक्सी को बढ़ावा देने से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सकता है. इससे देश में करीब 8 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं.
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गडकरी ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि, 'हमने यानी केंद्र सरकार ने निजी दोपहिया वाहनों जैसे स्कूटर और मोटरसाइकिल से यात्रियों को ले जाने की अनुमति दी है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी बाइक टैक्सी को मंजूरी नहीं मिली है.
ट्रांसपोर्ट का मामला राज्य का अपना मामला होता है, ऐसे में मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि इस व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करें, जिससे और भी रोजगार के अवसर लोगों को मिल सकें.' लोगों को मिलेगा रोजगार
बता दें कि गडकरी की ये अपील निजी दो पहिया वाहन चालकों के लिए है. जिससे उन्हें रोजगार का साधन प्राप्त हो सके.
हालांकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े मामले में जरूरी नहीं है कि जो केंद्र सरकार ने किया हो वही राज्य सरकारें भी करें, ये राज्य सरकारों का अपना निजी फैसला होता है. ऐसे में अब देखना होगा कि नितिन गडकरी की बात कौन से राज्य मानेंगे.
गौरतलब है कि बाइक टैक्सी को फिलहाल कुछ राज्यों में मंजूरी मिली हुई है लेकिन सभी के अपने- अपने अलग नियम हैं. ये भी पढ़ें: <a href
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में निजी मोटरसाइकिलों को टैक्सी के रूप में चलाने का प्रस्ताव हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा पायलट कार्यक्रम के तहत उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में मान्यता देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। यह कदम खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर सकता है, क्योंकि अधिक लोग अपनी बाइक से कमाई कर सकते हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों में वृद्धि से यातायात भी सुगम हो सकता है। इस दिशा में राज्यों को सहयो