नीलम पार्क में शिक्षक आंदोलन पर पुलिस की सख्ती, 5 दिन के निर्जल अनशन के बाद नरेंद्र सिंह राजपूत को जबरदस्ती अस्पताल पहुंचाया, देखें वीडियो

नीलम पार्क में आंदोलनरत चयनित शिक्षकों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी; वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग
भोपाल। राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे चयनित शिक्षकों के प्रदर्शन ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब पिछले पांच दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे नरेंद्र सिंह राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर अस्पताल पहुंचाया।
नरेंद्र सिंह राजपूत सहित चयनित शिक्षक नीलम पार्क में धरना दे रहे थे। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस मांग को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
पांच दिन से जारी था निर्जल अनशन
आंदोलनकारियों के मुताबिक नरेंद्र सिंह राजपूत पिछले पांच दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे थे। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाया और अस्पताल पहुंचाया। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर आंदोलनरत चयनित शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को सुनने और समाधान की दिशा में बातचीत करने के बजाय प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई की गई।
पद वृद्धि को लेकर आंदोलन
चयनित शिक्षकों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद या हंगामा खड़ा करना नहीं है। वे शिक्षक भर्ती के वर्ग-2 और वर्ग-3 में अतिरिक्त पदों की मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
उनका कहना है कि पदों में वृद्धि होने से चयनित अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा और लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से इस मामले में ठोस निर्णय की अपेक्षा रखते हैं।
अब आगे की रणनीति पर नजर
नरेंद्र सिंह राजपूत को अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद आंदोलनरत चयनित शिक्षकों की अगली रणनीति पर नजर बनी हुई है। पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन आगे किस रूप में बढ़ता है और सरकार की ओर से पद वृद्धि की मांग को लेकर क्या रुख अपनाया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।