नीरव मोदी PNB घोटाला: दुबई से आरोपी संदीप मिस्त्री भारत लाया गया
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नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में वांछित आरोपी संदीप मिस्त्री को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत प्रत्यर्पण करा लिया है.
CBI ने विदेश मंत्रालय (MEA) और गृह मंत्रालय (MHA) के समन्वय से यह कार्रवाई की.
इंटरपोल के जरिए आरोपी के खिलाफ जुलाई 2026 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.
इसके बाद UAE अधिकारियों ने उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया और भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की.
CBI के मुताबिक संदीप मिस्त्री उस बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी है, जिसमें फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेन-देन के जरिए बैंक को नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
वह विभिन्न कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करता था और उनके रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी करता था.
आरोप है कि वह सबूत छिपाने के लिए गोपनीय और खुद-ब-खुद डिलीट होने वाले कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए निर्देश देता था.
हीरा, सोना और मोती के कारोबार का बनाया फर्जी रिकॉर्ड
जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने हीरा, सोना और मोती के आभूषणों के कथित कारोबार को वास्तविक दिखाने के लिए फर्जी आयात-निर्यात दस्तावेज तैयार कराने में भी भूमिका निभाई.
इसके अलावा विदेशी कंपनियों के डमी निदेशकों पर दबाव डालकर उनसे ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप है, जिनमें उन्हें कंपनियों का वास्तविक मालिक बताया गया था.
UAE की डमी कंपनियों के खातों से रकम निकालने का आरोप
CBI का आरोप है कि संदीप मिस्त्री ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर UAE स्थित डमी कंपनियों के बैंक खातों से धनराशि निकालने में भी भूमिका निभाई.
मामले में जांच पूरी होने के बाद सक्षम अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.
जुलाई में रेड कॉर्नर नोटिस, दो माह में भारत वापसी
CBI के अनुरोध पर इंटरपोल चैनल के माध्यम से जुलाई 2026 में संदीप मिस्त्री के खिलाफ रेड कॉर्नर नोट
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नीरव मोदी से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में आरोपी संदीप मिस्त्री को दुबई से भारत प्रत्यर्पण कर लिया गया है। यह मामला उच्च-स्तरीय बैंक धोखाधड़ी और अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण प्रक्रियाओं को उजागर करता है, जिससे भारत की न्यायिक प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रकाश पड़ता है। इस कदम से दिखता है कि देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सक्रिय है। आम जनता के लिये यह आशा जगाता है कि बड़े पैमाने पर वित्तीय अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिससे बैंकिंग क्षेत