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Nirmala Sitharaman Singapore Visit: वित्त मंत्री के नेतृत्व में सिंगापुर पहुंचा भारत का हाई-लेवल डेलिगेशन, 6 अहम पिलर्स पर महामंथन शुरू

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 20 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
Nirmala Sitharaman Singapore Visit: वित्त मंत्री के नेतृत्व में सिंगापुर पहुंचा भारत का हाई-लेवल डेलिगेशन, 6 अहम पिलर्स पर महामंथन शुरू

भारत और सिंगापुर के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए राजधानी सिंगापुर में चौथी इंडिया-सिंगापुर मिनिस्ट्रियल राउंडटेबल (ISMR) बैठक आयोजित की जा रही है। केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण इस उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं।

इस अहम दौरे में उनके साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की प्रगति की समीक्षा करने और नए क्षेत्रों में निवेश व व्यापार के अवसरों को गति देने के लिए एक शीर्ष मंच मानी जाती है।

डिजिटल और हेल्थकेयर समेत इन 6 प्रमुख स्तंभों पर फोकस वर्ष 2022 में स्थापित ISMR व्यवस्था के तहत इस बार का एजेंडा मुख्य रूप से 6 रणनीतिक पिलर्स पर केंद्रित है: डिजिटलाइजेशन और फिनटेक (Digitalisation & Fintech): यूपीआई और पे-नाउ (UPI-PayNow) लिंकेज की सफलता के बाद दोनों देश डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्रॉस-बॉर्डर डिजिटल पेमेंट्स के विस्तार पर चर्चा कर रहे हैं।

हेल्थकेयर और मेडिसिन (Healthcare and Medicine): फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने, टेलीमेडिसिन, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर इनोवेशन में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना।

एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग (Advanced Manufacturing): सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों में सिंगापुर की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना।

कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स (Connectivity): समुद्री व्यापार, एविएशन और पोर्ट लॉजिस्टिक्स में दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक कुशल बनाना। स्किल डेवलपमेंट (Skills Development): युवाओं को आधुनिक तकनीक, रोबोटिक्स और ग्लोबल जॉब मार्केट के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने के साझा कार्यक्रम तैयार करना।

सस्टेनेबिलिटी और ग्रीन एनर्जी (Sustainability): ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में साझेदारी का विस्तार करना। 70 सदस्यीय भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद इस सरकारी बैठक के साथ-साथ चौथी इंडिया-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल (ISBR) का भी आयोजन हो रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ भारत के 70 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट लीडर्स का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर पहुंचा है। इसमें टेक, सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।

यह मंच दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच गवर्नमेंट-टू-बिजनेस (G2B) और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) नेटवर्क को मजबूत करने और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नए रास्ते खोलने का काम करेगा। भारत में सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है सिंगापुर आंकड़ों के लिहाज से सिंगापुर भारत का सबसे बड़ा एफडीआई (FDI) स्रोत रहा है।

दोनों देशों के बीच 2005 में हुए कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट (CECA) के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में कई गुना उछाल आया है।

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और उप-प्रधानमंत्री गैन किम योंग के साथ होने वाली यह मंत्रिस्तरीय वार्ता भारत-सिंगापुर कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को जमीन पर उतारने के रोडमैप को गति प्रदान करेगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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