अपराध

NOC के बदले रिश्वत, आयुर्वेदिक कॉलेज के 3 कार्मिक गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
NOC के बदले रिश्वत, आयुर्वेदिक कॉलेज के 3 कार्मिक गिरफ्तार

किशनगढ़ रेनवाल में ACB ने श्री शिरडी साईं बाबा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल के तीन कार्मिकों को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। BAMS छात्रा की दूसरे कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए NOC जारी करने के बदले 40 हजार रुपये मांगे गए थे, जिसे बाद में 35 हजार रुपये में तय किया गया।

जयपुर ग्रामीण, 1 अक्टूबर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) जयपुर नगर प्रथम इकाई ने किशनगढ़ रेनवाल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए श्री शिरडी साईं बाबा आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल, मुंडियागढ़ के तीन कार्मिकों को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश कुमार अपूर्वा, क्वालिटी कंट्रोल लैब इंचार्ज एवं डिप्टी डायरेक्टर, रमेश कुमार शर्मा, कैशियर/स्टोर कीपर तथा राजकुमार मीणा, कम्प्यूटर ऑपरेटर/कनिष्ठ सहायक के रूप में हुई है।

ACB के अनुसार जयपुर नगर प्रथम इकाई को एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी भतीजी कॉलेज में BAMS की पढ़ाई कर रही है और उसे दूसरे कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए NOC की आवश्यकता थी। आरोप है कि NOC जारी करने की एवज में कॉलेज प्रशासन की ओर से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायत के बाद DIG द्वितीय जयपुर ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में कार्रवाई की योजना बनाई गई। ASP भूपेन्द्र के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान कथित तौर पर 40 हजार रुपये के बजाय 35 हजार रुपये में NOC जारी करने पर सहमति बनी।

तथ्य सही पाए जाने के बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई की। योजनाबद्ध तरीके से परिवादी को 35 हजार रुपये देकर कॉलेज भेजा गया। ACB के मुताबिक, जैसे ही कैशियर रमेश कुमार शर्मा ने रिश्वत की राशि ली, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

मामले में पूछताछ के दौरान ACB को अन्य दो कार्मिकों की कथित संलिप्तता की जानकारी मिली। जांच में योगेश कुमार अपूर्वा और राजकुमार मीणा की भूमिका सामने आने के बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

ACB की ओर से तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से NOC के नाम पर रिश्वत लेने के अन्य संभावित मामलों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।

ACB के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में मामले की जांच जारी है। टीम अब रिश्वत की कथित मांग और कॉलेज में NOC जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

किशनगढ़ रेनवाल में आयुर्वेदिक कॉलेज के तीन कर्मचारियों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 35 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। यह मामला कॉलेज के NOC (नॉन-ऑब्स्ट्रक्टिव सर्टिफिकेट) जारी करने के दौरान हुआ, जहाँ एक BAMS छात्रा को दूसरे कॉलेज में इंटर्नशिप के लिए दस्तावेज़ चाहिए थे। यह घटना शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के चल रहे मुद्दे को उजागर करती है। ऐसी घटनाएँ सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करती हैं और छात्रों व उनके परिवारों के लिए आवश्यक दस्तावेज़ प्राप्त करने में बाधा उत्पन्

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

रिश्वत के काले हाथ से समाज की शुद्धता मिटती है, परंतु न्याय की रोशनी से वह मिट जाती है। जब भ्रष्टाचार की गंध आती है, तो कानूनी रास्ते अपनाएँ, न कि बदला या हिंसा। हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करे, ताकि शिक्षा और स्वास्थ्य के पवित्र मिशन को भ्रष्टाचार से बचाया जा सके। इस घटना से सीखें कि सच्ची प्रगति कानून के पथ पर चलने से ही संभव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।