NRLM की 38.93 लाख की राशि में गबन का आरोप:लाभार्थियों की 10 हजार पात्रता पर 1 लाख तक बांटे, पदाधिकारियों के खातों में भी भुगतान मिला
बुरहानपुर में मध्य प्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की सरकारी राशि में गबन का मामला सामने आया है। निंबोला थाना पुलिस ने रूद्र संकुल स्तरीय संगठन धुलकोट के चार पदाधिकारियों के खिलाफ 38.93 लाख 250 रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। परियोजना प्रबंधक संतमती खलखो की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।
आरोपियों में लाली बाई (अध्यक्ष, निवासी धावड़ियापानी), रानी बाई (सचिव, निवासी धुलकोट), काली बाई (कोषाध्यक्ष, निवासी इटारिया) और आशीष गाठे (निवासी धुलकोट) शामिल हैं। इन पर धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। मप्र डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत ग्राम संगठनों को ऋण राशि प्रदान की जाती है।
नियमानुसार, यह राशि संगठन के खाते से समूह को और फिर समूह चेक के माध्यम से लाभार्थियों (दीदियों) को वितरित की जाती है। एक व्यक्ति को अधिकतम 1.10 लाख रुपए तक का ऋण मिल सकता है। एक लाख रुपए तक दे दिए गए सहायक विकासखंड प्रबंधक चेतन कोचले ने 27 फरवरी 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि रूद्र सीएलएफ के पदाधिकारियों ने बिना किसी बैठक के नियमों का उल्लंघन करते हुए सीधे व्यक्ति विशेष के खातों में चेक से भुगतान कर दिया। कई मामलों में, जिस लाभार्थी को 10 हजार रुपए की पात्रता थी, उसे 1 लाख रुपए तक दे दिए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने चेक के जरिए एक-दूसरे को लाखों रुपए का भुगतान किया। कुछ महिला लाभार्थियों के बयान के अनुसार, सचिव के पति आशीष गाठे ने उन पर दबाव डालकर 1.71 लाख रुपए नकद, चेक और फोन पे के माध्यम से भी लिए। शिकायत मिलने पर जिला पंचायत सीईओ ने एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया।
इस समिति ने 30 मई 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें बैंक स्टेटमेंट की जांच के बाद कुल 38.93 लाख 250 रुपए के गबन की पुष्टि हुई। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
📡 स्रोत: NewsData.io