OBC विदेश अध्ययन योजना पर JAY मूवमेंट का बड़ा ऐलान: 114 रिक्त सीटें भरने तक नई वैकेंसी नहीं आने देंगे, अब होगी आर-पार की लड़ाई
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भोपाल, OBC विदेश अध्ययन योजना को लेकर JAY मूवमेंट और OBC महासभा का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। OBC विभाग के आयुक्त की ओर से योजना की वैकेंसी सितंबर में आने संबंधी दिए गए बयान पर JAY मूवमेंट के संस्थापक श्री लखपत गुर्जर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे तथ्यों के विपरीत और पूरी तरह गलत बताया है।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि OBC विदेश अध्ययन योजना की वैकेंसी हर वर्ष जून माह में आती है, जबकि विभाग के आयुक्त द्वारा सितंबर में वैकेंसी आने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और योजना से जुड़े वास्तविक तथ्यों को सामने रखना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी से पहले से परेशान विद्यार्थियों के बीच और भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि JAY मूवमेंट की स्पष्ट मांग है कि पहले से लंबित 114 रिक्त सीटों को पात्र विद्यार्थियों, विशेषकर प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों से नियमानुसार भरा जाए।
श्री गुर्जर ने स्पष्ट कहा कि जब तक इन 114 खाली सीटों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक नई वैकेंसी निकालने की प्रक्रिया को स्वीकार नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी। “पहले 114 सीटें भरो, फिर नई वैकेंसी की बात करो”
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि सरकार और विभाग को पहले यह जवाब देना चाहिए कि वर्षों से उपलब्ध और लंबित रिक्त सीटों का क्या हुआ। श्री गुर्जर ने कहा कि एक तरफ पात्र OBC विद्यार्थी अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं और दूसरी तरफ नई वैकेंसी की बात की जा रही है, जबकि पुरानी रिक्त सीटों का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2023 की 50 सीटें, वर्ष 2025-26 की 14 सीटें और वर्ष 2026-27 की 50 सीटों सहित कुल 114 रिक्त सीटों का विभागीय स्तर पर सत्यापन कर पात्र विद्यार्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए।
श्री गुर्जर ने कहा कि नई वैकेंसी निकालने से पहले पुरानी प्रतीक्षा सूची और रिक्त सीटों का निपटारा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। “भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया कि गरीब परिवार के विद्यार्थियों के लिए चयन मुश्किल”
श्री लखपत गुर्जर ने आरोप लगाते हुए कहा कि OBC विदेश अध्ययन योजना की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर विद्यार्थियों के बीच गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
श्री गुर्जर ने कहा कि व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के कारण गरीब एवं सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए इस योजना में निष्पक्ष रूप से चयनित होना मुश्किल होता जा रहा है।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि यदि योजना वास्तव में OBC के गरीब और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा का अवसर देने के लिए बनाई गई है तो चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियम आधारित होनी चाहिए।
श्री गुर्जर ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। “जब तक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस्तीफा नहीं देते, हम चुप नहीं बैठेंगे”
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि जिन अधिकारियों के निर्णयों या कार्यप्रणाली के कारण विद्यार्थियों के बीच असंतोष और अविश्वास की स्थिति पैदा हुई है, उनकी जवाबदेही तय होना जरूरी है।
श्री गुर्जर ने स्पष्ट कहा कि जब तक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते और आवश्यक कार्रवाई नहीं होती, तब तक JAY मूवमेंट चुप बैठने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रहेगी। OBC महासभा में भी आक्रोश
इस पूरे मामले को लेकर OBC महासभा की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। OBC महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष श्री राधे जाट ने कहा कि जब तक पुरानी प्रतीक्षा सूची और लंबित रिक्त सीटों को स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक नई वैकेंसी की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
श्री राधे जाट ने कहा कि पहले उन विद्यार्थियों के साथ न्याय किया जाए जो लंबे समय से चयन और सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी वेटिंग लिस्ट क्लियर किए बिना नई वैकेंसी निकालना विद्यार्थियों के हित में नहीं है।
श्री राधे जाट ने कहा कि जिन अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की कार्यप्रणाली के कारण विद्यार्थियों के अंदर असंतोष और असहजता की भावना उत्पन्न हुई है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जिम्मेदारी साबित होती है तो संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिम्मेदार मंत्री के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटेंगे।
7 कार्य दिवस की समयसीमा भी समाप्त JAY मूवमेंट के संस्थापक श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रमुख सचिव, अपर सचिव, मुख्य सचिव और OBC विभाग के आयुक्त सहित संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन देकर विद्यार्थियों की मांगों पर 7 कार्य दिवस के भीतर संतोषजनक जवाब मांगा गया था।
श्री गुर्जर ने कहा कि ज्ञापन में चयन प्रक्रिया की स्पष्ट टाइमलाइन, एक बार आवेदन आमंत्रित होने के बाद विभागीय स्तर पर नियमों में बदलाव नहीं करने, लंबित 114 रिक्त सीटों को भरने, पात्र प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों को अवसर देने, आर्थिक सहायता की समीक्षा करने और विद्यार्थियों को समय पर फंडिंग उपलब्ध कराने सहित कई मांगें रखी गई थीं।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि निर्धारित समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक विद्यार्थियों को ऐसा संतोषजनक जवाब नहीं मिला है जिससे उनकी समस्याओं का समाधान दिखाई दे। 2025 में तीन बार नियम बदलने का आरोप
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि वर्ष 2025 में चयन प्रक्रिया के दौरान विभागीय स्तर पर तीन बार नियमों में बदलाव किए जाने का आरोप विद्यार्थियों और OBC समाज की ओर से लगाया गया है। श्री गुर्जर ने कहा कि एक बार विद्यार्थियों से आवेदन आमंत्रित करने के बाद चयन प्रक्रिया के बीच में नियम बदलना गंभीर विषय है।
उन्होंने मांग की कि इन कथित नियम परिवर्तनों की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि किस स्तर पर और किस आधार पर नियमों में बदलाव किए गए। 2008 और 2026 की छात्रवृत्ति पर भी सवाल
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि वर्ष 2008 में विदेश अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को लगभग 5,000 पाउंड और 7,700 डॉलर की सहायता दी जाती थी, जबकि वर्ष 2026 में भी सहायता राशि को वर्तमान महंगाई और विदेश में शिक्षा की वास्तविक लागत के अनुरूप पर्याप्त रूप से नहीं बढ़ाया गया है।
श्री गुर्जर ने सवाल किया कि क्या वर्ष 2008 और वर्ष 2026 की महंगाई में कोई अंतर नहीं आया? उन्होंने कहा कि आज विदेश में विश्वविद्यालय फीस, रहने, भोजन, परिवहन और अन्य खर्चों में भारी वृद्धि हो चुकी है। ऐसे में योजना की आर्थिक सहायता राशि को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। “अब लड़ाई आर-पार की होगी”
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि JAY मूवमेंट ने अब तक हर स्तर पर सरकार के साथ संवाद और समाधान का रास्ता अपनाया। श्री गुर्जर ने बताया कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, मंत्री और OBC विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बार-बार लिखित रूप से विद्यार्थियों की समस्याएं बताई गईं, लेकिन संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि अब ज्ञापन की समयसीमा समाप्त हो चुकी है और परिस्थितियां पहले जैसी नहीं रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब लड़ाई आर-पार की होगी, जिसे आने वाले समय में देश और दुनिया देखेगी।
श्री गुर्जर ने कहा कि यदि विद्यार्थियों की मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो JAY मूवमेंट जिला, प्रदेश और देश स्तर पर OBC विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों को जोड़कर बड़े लोकतांत्रिक आंदोलन की तैयारी करेगा।
श्री लखपत गुर्जर ने कहा कि आंदोलन केवल विदेश अध्ययन योजना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि OBC के 27 प्रतिशत आरक्षण, शिक्षा व्यवस्था, OBC से जुड़े अधिकारों, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही जैसे मुद्दे भी आंदोलन में प्रमुखता से शामिल किए जाएंगे।
श्री गुर्जर ने कहा कि जब तक विद्यार्थियों की जायज मांगों का समाधान नहीं होता और जिनकी जिम्मेदारी बनती है उनकी जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक आंदोलन को समाप्त करने का सवाल ही नहीं है।
श्री लखपत गुर्जर ने सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकार के पास अभी भी समय है कि वह विद्यार्थियों की आवाज सुने, 114 रिक्त सीटों का समाधान करे, पुरानी वेटिंग लिस्ट को क्लियर करे और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने विद्यार्थियों की बात नहीं मानी तो इसके बाद होने वाले व्यापक आंदोलन की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभाग की होगी। श्री लखपत गुर्जर ने अंत में कहा कि “सरकार बाद में यह न कहे कि हमें बताया नहीं गया। हम पहले ही मुख्यमंत्री से लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक को लिखित में बता चुके हैं।
अब ज्ञापन की समयसीमा भी समाप्त हो गई है। इसके बाद जो होगा, वह देश और दुनिया देखेगी।”