राजनीति

ओबीसी आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रहलाद पटेल की प्रतिक्रिया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
ओबीसी आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर कैबिनेट मंत्री श्री प्रहलाद पटेल की प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार फैसले का विधिक परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी। न्यायालय ने 2019 से 2022 के बीच हुई नियुक्तियों में 13 प्रतिशत अतिरिक्त नियुक्तियों को संरक्षित रखते हुए आगामी भर्ती में समायोजित करने का निर्देश दिया है।

वहीं, 2022 के बाद निर्णय की तारीख तक हुई भर्तियों में 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के अध्यादेश को त्रुटिपूर्ण बताया। वहीं, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने आरोप लगाया कि अध्यादेश जल्दबाजी में लाया गया और संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी हुई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में उच्चतम न्यायालय जाएगी और मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए ओबीसी आरक्षण को 14% ही रखने का बड़ा फैसला सुनाया है।। अदालत ने कहा कि आरक्षण की 50% सीमा पार करने के लिए सरकार को असाधारण परिस्थितियों के ठोस प्रमाण देने होंगे।

केवल OBC आबादी अधिक होने के आधार पर आरक्षण बढ़ाना पर्याप्त नहीं है।

—- Byte: प्रहलाद पटेल, मंत्री, एमपी सरकार

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।