ओला-उबर जैसी कैब और रेंटल सेवाएं होंगी सस्ती! 5% GST का रखा गया प्रस्ताव
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इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिशों के बीच टैक्सी और किराये पर गाड़ी लेने से जुड़ी सेवाओं के लिए एक अहम प्रस्ताव सामने आया है.
अगर आप इलेक्ट्रिक कार से सफर करते हैं या ड्राइवर के साथ गाड़ी किराये पर लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
GST काउंसिल ने इलेक्ट्रिक वाहनों से मिलने वाली यात्री परिवहन और रेंटल सेवाओं पर 5 प्रतिशत GST का विकल्प देने की सिफारिश की है.
किन सेवाओं पर लागू हो सकता है नया प्रस्ताव?
यह प्रस्ताव उन सेवाओं से संबंधित है, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन के जरिए यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है.
इसके अलावा, ड्राइवर के साथ इलेक्ट्रिक गाड़ी किराये पर देने वाली सेवाएं भी इसके दायरे में आ सकती हैं.
हालांकि, इस रियायती दर का लाभ लेने के लिए बैटरी चार्जिंग की लागत को ग्राहक से ली जाने वाली कुल रकम में शामिल करना जरूरी होगा.
5 प्रतिशत GST के साथ ITC पर रहेगी पाबंदी
प्रस्ताव के मुताबिक, संबंधित सेवा प्रदाताओं को 5 प्रतिशत GST की दर चुनने का विकल्प मिल सकता है. लेकिन इस विकल्प के साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पर कुछ प्रतिबंध भी रहेंगे.
ITC के जरिए कारोबारी अपनी खरीद और खर्चों पर चुकाए गए पात्र टैक्स का क्रेडिट लेकर टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं.
इसलिए सेवा प्रदाताओं को केवल टैक्स की दर देखकर फैसला नहीं करना होगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि उनके कारोबार में इनपुट टैक्स क्रेडिट की कितनी जरूरत है.
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिल सकता है बढ़ावा
इस कदम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी परिवहन सेवाओं के लिए टैक्स व्यवस्था को स्पष्ट बनाना और उनके व्यावसायिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है.
इससे इलेक्ट्रिक टैक्सी और रेंटल सेवाएं चलाने वाली कंपनियों को अपनी लागत और टैक्स संबंधी योजना बनाने में मदद मिल सकती है.
हालांकि, 5 प्रत
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar