OPINION: कौन लिख रहा है स्कूली बच्चों के प्रदर्शन की अदृश्य पटकथा?

उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और संवेदनशील राज्य में मासूम बच्चों को विरोध प्रदर्शनों के अग्रिम मोर्चे पर खड़ा करना एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है. इसके पीछे दो मुख्य उद्देश्य हो सकते हैं.
पहला सहानुभूति और प्रशासनिक दबाव. जब सड़कों पर छोटे बच्चे बैठते हैं, तो पुलिस और प्रशासन के हाथ बंध जाते हैं. पुलिस न तो बल प्रयोग कर सकती है और न ही कड़ा रुख अपना सकती है.
📡 स्रोत: NewsData.io