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पढ़ाई-खर्च के लिए छात्र अपना खून बेच रहे:यूपी में नीट का छात्र बोला- खून तो बनता रहेगा; पढ़ाई का मौका फिर नहीं मिलेगा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पढ़ाई-खर्च के लिए छात्र अपना खून बेच रहे:यूपी में नीट का छात्र बोला- खून तो बनता रहेगा; पढ़ाई का मौका फिर नहीं मिलेगा

पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए छात्रों को अपना खून बेचना पड़ रहा है। गरीब परिवारों के इन बच्चों को नीट-एसएससी की महंगी कोचिंग, हॉस्टल-मेस की फीस भरनी होती है। पैसे जुटाने के लिए कोई छात्र महीने में 2 बार, तो कोई 4 बार अपना खून निकालकर बेचने को मजबूर है। दैनिक भास्कर के हिडन कैमरे पर ऐसे छात्रों ने अपनी बेबसी सुनाई- पापा किसान हैं, लेकिन इतनी जमीन नहीं कि खेती-बाड़ी से घर के सारे खर्च उठा सकें।

इसलिए हम पढ़ाई का खर्च खुद ही मैनेज करते हैं। खून बेचकर जो पैसा मिलता है, उसे कई बार हम गांव भी भेजते हैं। यूपी के कई शहरों में पढ़ाई के लिए छात्र तंगी से निपटने के लिए खून बेचने लगे हैं। इसका इनपुट मिलने पर हमने इन्वेस्टिगेट करने के लिए प्रयागराज को चुना, क्योंकि यहां हजारों छात्र नीट-एसएससी की तैयारी करते हैं।

हमारे अंडरकवर रिपोर्टर मरीज के घरवाले बनकर स्टूडेंट्स तक पहुंचे। पढ़िए पूरी इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट… 2 महीने से हॉस्टल की फीस नहीं दी, क्या करते ब्लड बैंक आना पड़ा हमारे रिपोर्टर प्रयागराज के राजापुर चौराहे पर स्थित इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (AMA) ब्लड बैंक पहुंचे। यह शहर का सबसे बड़ा ब्लड बैंक है।

बाहर कुछ छात्र दिखे। उन्हें बताया कि हमें खून की जरूरत है। इस डील के दौरान छात्र बोला- प्रयागराज में रहकर SSC की तैयारी कर रहा हूं। घर का इकलौता बेटा हूं। पापा किसान हैं, मां की मौत हो चुकी है। दो छोटी बहनें हैं, जो गांव में रहकर पढ़ाई करती हैं और घर संभालती हैं। खेतीबाड़ी से सिर्फ दाल-रोटी भर चल पाती है।

खून इसलिए बेचना पड़ रहा है, क्योंकि 2 महीने से हॉस्टल की फीस नहीं दे पाया था। अगर रहने का ठिकाना चला गया, तो पढ़ाई कैसे होगी?

यही सोचकर ब्लड बैंक तक चला आया। रिपोर्टर - ब्लड की 3 यूनिट चाहिए…डोनर नहीं मिल रहे हैं?

स्टूडेंट - मुझे पैसे की जरूरत है, मैं दे कर सकता हूं…। रिपोर्टर - कितना पैसा लगेगा?

स्टूडेंट - 8 हजार रुपए दे दीजिए…आपके लिए खून दे दूंगा। रिपोर्टर - पढ़ाई करते हो, खून बेचने की जरूरत क्यों पड़ गई?

स्टूडेंट - पापा किसान हैं, कोचिंग की फीस बहुत ज्यादा है…घर से जो पैसे मिलते हैं, उससे पूरा खर्च नहीं हो पाता। रिपोर्टर - कोचिंग, ट्यूशन पढ़ा लेते, खून क्यों बेच रहे हो?

स्टूडेंट - खून तो फिर बन जाएगा, लेकिन पढ़ाई नहीं हुई तो बेरोजगार रह जाऊंगा। रिपोर्टर - खून से कितना खर्च निकल पाएगा,

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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