पड़ोसी बांग्लादेश में भड़की हिंसा से अलर्ट मोड में भारत, जानें विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
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पड़ोसी बांग्लादेश में कपड़ा मजदूरों के उग्र विरोध-प्रदर्शन को लेकर भारत काफी सतर्कता बरत रहा है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि बांग्लादेश के घटनाक्रमों को लेकर कहा कि वे लगातार नजर बनाए हुए हैं.
गौरतलब है कि बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग के श्रमिकों की तरफ से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार हिंसक प्रदर्शन किए जा रहे हैं. वाहनों में तोड़फोड़ और प्रमुख सड़कों को ब्लॉक किए गए है.
हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है.
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की राजधानी ढाका के मीरपुर, आशुलिया, गाजीपुर और नारायणगंज इलाकों में कानून प्रवर्तन कर्मियों के साथ झड़पें हुईं.
खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन में आग लगा दी, जबकि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछारें कीं और लाठियां बरसा दी.
#WATCH | Delhi: On Garment workers' protest in Bangladesh, MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "We continue to follow these developments." https://t.co/R3zKvFejlw
ANI (@ANI) November 3, 2026
BGME का आंकड़ा
बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGME) के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के कारण ढाका, गाजीपुर और मध्य मयमनसिंह में रजिस्ट्रेड लगभग 4,000 कपड़ा कारखानों में से 670 को बंद करना पड़ा है.
मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम मासिक वेतन मौजूदा 12,500 रुपये से बढ़ाकर 30,000 किया जाए.
BGME के अनुसार, बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में 40 लाख से अधिक मजदूर काम करते हैं. यह देश की निर्यात आय का एक प्रमुख स्रोत है. चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परिधान निर्यातक देश है.
📡 स्रोत: ABP Live