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पढ़ना लिखना सीखकर अपने पैरों पर खड़ी हो रहीं अयोध्या की महिलाएं

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पढ़ना लिखना  सीखकर अपने पैरों पर खड़ी हो रहीं अयोध्या की महिलाएं

अयोध्या में जिला प्रशासन की ‘विद्या शक्ति पहल’ के तहत ग्रामीण महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाया जा रहा है। जो महिलाएं पहले अपना नाम तक नहीं लिख पाती थीं, अब वे हस्ताक्षर करने के साथ बैंक पासबुक और सरकारी कागजों को समझने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

इस अभियान की खास बात ये है कि गांव की पढ़ी-लिखी महिलाओं को ‘विद्या सखी’ बनाया गया है। ये महिलाएं गांव की दूसरी महिलाओं को पढ़ाती हैं। गांव की चौपाल, घर और आंगन में ही कक्षाएं लगाई जा रही हैं। महिलाओं को अक्षर ज्ञान के साथ बुनियादी गणित भी सिखाया जा रहा है।

अयोध्या में अब तक 63 हजार 106 महिलाओं का नामांकन हो चुका है और 3,200 विद्या सखियां अभियान से जुड़ी हैं। 40 हजार से अधिक महिलाओं को ULLAS पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है। पढ़ाई पूरी करने के बाद महिलाओं को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।

इस पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने बच्चों की पढ़ाई और गांव की गतिविधियों में भी ज्यादा आत्मविश्वास के साथ भाग ले पाएंगी ।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।