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पद्मश्री डॉ. जे.एम. व्यास ने NFSU में "RFID" टेक्नोलॉजी-आधारित ऑनलाइन लाइब्रेरी पोर्टल का उद्घाटन किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पद्मश्री डॉ. जे.एम. व्यास ने NFSU में "RFID" टेक्नोलॉजी-आधारित ऑनलाइन लाइब्रेरी पोर्टल का उद्घाटन किया

Date-3 September 2026, RFID टेक्नोलॉजी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए NFSU की प्रतिबद्धता को दर्शाती है: डॉ. जे.एम. व्यास

राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय (NFSU) के कुलपति, 'पद्मश्री' से सम्मानित डॉ. जे.एम. व्यास ने गांधीनगर परिसर में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट "लाइब्रेरी RFID इंफ्रास्ट्रक्चर" और नए "ऑनलाइन लाइब्रेरी पोर्टल" का उद्घाटन दिनांक 3 सितंबर, 2026 को किया।

इस मौके पर NFSU के कुलपति डॉ. जे.एम. व्यास ने कहा कि नए लॉन्च किए गए ऑनलाइन लाइब्रेरी पोर्टल से NFSU के सभी परिसरों में मौजूद किताबों को खोजना आसान हो जाएगा। किताबों और रिसर्च से जुड़े मटेरियल की उपलब्धता तेज़ी से होगी। इससे स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और फैकल्टी का समय बचेगा।

वहीं RFID टेक्नोलॉजी एक सोफिस्टिकेटेड, सिक्योर और यूज़र-सेंट्रिक लाइब्रेरी इकोसिस्टम बनाती है, जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए NFSU की प्रतिबद्धता और रिसर्च के लिए वर्ल्ड-क्लास स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टेक्नोलॉजी वाली फैसिलिटी देने के उसके इरादे को पूरा करता है।

उन्होंने आगे कहा कि RFID-इनेबल्ड सिस्टम NFSU लाइब्रेरी के रोज़ाना के कामों को तेज़, सुरक्षित और आसान बना देगा। थ्री-इन-वन सेल्फ कियोस्क के ज़रिए यूज़र खुद ही बायोमेट्रिक, बारकोड या Mi-Fare कार्ड ऑथेंटिकेशन के ज़रिए किताबें इशू और वापस कर सकेंगे।

वहीं 'RFID हैंडहेल्ड रीडर' डिवाइस स्टॉक वेरिफिकेशन के साथ-साथ खोई या गलत फाइल में रखी किताबों की तुरंत पहचान करने में मदद करेगा।

लाइब्रेरी में एक यूनिक 'RFID सिक्योरिटी गेट' है, जिससे अगर कोई किताब बिना इजाज़त या बिना इशू किए बाहर निकालने की कोशिश करता है, तो यह सिस्टम ऑटोमैटिक अलार्म बजाएगा, दरवाज़ा लॉक हो जाएगा, संबंधित व्यक्ति का फोटो कैप्चर हो जाएगा और लाइब्रेरियन को तुरंत ईमेल से अलर्ट भेज दिया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में NFSU-गांधीनगर परिसर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एस.ओ. जुनारे; NFSU-गोवा के परिसर के निदेशक प्रो. (डॉ.) नवीन कुमार चौधरी; NFSU-दिल्ली के परिसर के निदेशक प्रो. (डॉ.) पूर्वी पोखरियाल; डीन, एसोसिएट डीन, डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. मितेश पंड्या और छात्रगण मौजूद थे। प्रो. (डॉ.) एस.ओ. जुनारे, (परिसर निदेशक)

राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय, गांधीनगर.

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।