पहली फिल्म हुई बुरी तरह फ्लॉप, लोगों ने बनाई दूरी, फिर चांदनी बार ने बदल दी मधुर भंडारकर की किस्मत

मुंबई (वेब वार्ता)। मधुर भंडारकर ने आर्थिक तंगी के कारण छठी कक्षा में पढ़ाई छोड़ दी और सिग्नल पर च्युइंग गम बेची। कैसेट स्टोर में काम करते हुए उन्होंने 1700 कैसेट जुटाए और फिल्ममेकिंग सीखी।
बॉलीवुड में अपनी अलग तरह की कहानियों और समाज की हकीकत को पर्दे पर उतारने के लिए मशहूर निर्देशक मधुर भंडारकर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। हालांकि, यहां तक पहुंचने का उनका सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। कभी परिवार का पेट पालने के लिए उन्होंने ट्रैफिक सिग्नल पर च्युइंग गम बेची, तो कभी कैसेट की दुकान पर काम किया।
मधुर भंडारकर का जन्म 26 ...
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