भोपाल

पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद के जन्मदिन पर सिंपैथी फाउंडेशन का सेवा अभियान, सरकारी अस्पतालों में बांटा भोजन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद के जन्मदिन पर सिंपैथी फाउंडेशन का सेवा अभियान, सरकारी अस्पतालों में बांटा भोजन

भोपाल। पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद की विलादत के मुबारक अवसर पर सिंपैथी फाउंडेशन ने अपनी वार्षिक परंपरा के तहत राजधानी के सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के बीच भोजन वितरित किया। फाउंडेशन के सदस्यों ने अस्पतालों में पहुंचकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया और उनकी कुशलक्षेम भी जानी।

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ज़्यादा जानकारी देते हुए फाउंडेशन के मैनेजर फरहान मकरानी ने बताया कि संस्था की ओर से हर वर्ष ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि पैग़म्बर-ए-इस्लाम की विलादत का संदेश इंसानियत, रहमदिली और जरूरतमंदों की मदद से जुड़ा है, इसलिए इस अवसर को जनसेवा के माध्यम से मनाने का प्रयास किया जाता है।

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उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेवा गतिविधियों का विस्तार करते हुए यतीम बच्चों को तोहफे देने के साथ जरूरतमंद दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और वॉकर भी वितरित किए जाएंगे। संस्था का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और समाज में सेवा एवं इंसानियत की भावना को मजबूत करना है।

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इस मौके पर संस्था के सचिव मौलाना हसन मरकज़ी ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों के बीच भोजन वितरण के साथ संस्था की टीम जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं को भी समझने का प्रयास करती है। उन्होंने बताया कि आने वाले कार्यक्रमों में भी सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित इस सेवा अभियान में फाउंडेशन के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सिंपैथी फाउंडेशन ने पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद की विलादत के अवसर पर भोपाल के सरकारी अस्पतालों में भोजन वितरण अभियान चलाया। यह पहल फाउंडेशन की वार्षिक परंपरा के तहत की गई है, जिसमें अस्पतालों के मरीजों और उनके परिवारों को मुफ्त भोजन और देखभाल प्रदान की गई। इस खबर का महत्व यह है कि यह धार्मिक उत्सव को समाज सेवा के साथ जोड़कर, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को पूरा करने का प्रयास दर्शाती है। इससे आम जनता को यह संदेश मिलता है कि दान-धर्म और सामाजिक कल्याण एक साथ चल सकते हैं, और इससे अस्पतालों में मर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।