भोपाल

पैगंबर मुहम्मद ﷺ का जीवन पूरी मानवता के लिए आदर्श, इंसाफ और करुणा का संदेश देता है: मौलाना वलीयुल्लाह सईदी फलाही

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 12 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पैगंबर मुहम्मद ﷺ का जीवन पूरी मानवता के लिए आदर्श, इंसाफ और करुणा का संदेश देता है: मौलाना वलीयुल्लाह सईदी फलाही

जलसा सीरत-उन-नबी में सामाजिक न्याय, समानता और मानवता की सेवा पर जोर

भोपाल, 12 सितंबर 2026। जमाअते इस्लामी हिंद, भोपाल की ओर से शनिवार को मस्जिद मांजी साहिबा, रेतघाट, वीआईपी रोड में जलसा सीरत-उन-नबी ﷺ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता जमाअते इस्लामी हिंद के नायब अमीर मौलाना वलीयुल्लाह सईदी फलाही ने पैगंबर मुहम्मद ﷺ के जीवन, उनके आदर्श चरित्र और मानवता के प्रति उनके संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मौलाना फलाही ने कहा कि पैगंबर मुहम्मद ﷺ किसी एक वर्ग, समुदाय या देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका जीवन सम्पूर्ण मानवता के लिए आदर्श और मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि पैगंबर ﷺ ने अपने जीवन के माध्यम से इंसाफ, रहम, सच्चाई, अमानतदारी, भाईचारे, सहिष्णुता और मानव सेवा की शिक्षा दी।

उन्होंने अपने संबोधन में उस समय के अरब समाज में लड़कियों, महिलाओं और गुलामों के साथ होने वाले भेदभाव और अत्याचार का उल्लेख करते हुए कहा कि पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने उनके सम्मान और अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए। उन्होंने ऐसे समाज की स्थापना पर जोर दिया, जिसमें व्यक्ति की प्रतिष्ठा धन, जाति, रंग या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसके चरित्र और तक़वा के आधार पर निर्धारित हो।

मौलाना फलाही ने कहा कि मौजूदा दौर में समाज विभिन्न प्रकार के भेदभाव, हिंसा और असमानता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सीरत-ए-नबी ﷺ न्याय, करुणा, सम्मान और शांति का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कहा कि पैगंबर ﷺ की शिक्षाओं को केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में व्यवहार के स्तर पर अपनाने की आवश्यकता है।

उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे अपने आचरण में सच्चाई, न्याय, सहिष्णुता, भाईचारे और मानवता की सेवा जैसे मूल्यों को स्थान दें। उनके अनुसार समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए व्यक्ति के स्तर पर अच्छे चरित्र और जिम्मेदार व्यवहार की शुरुआत जरूरी है।

कार्यक्रम के समापन पर देश और समाज में शांति, सद्भाव, भाईचारे तथा मानव कल्याण के लिए दुआ की गई।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।