पैक्स-लैम्प्स की उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं को मिलेगा अतिरिक्त मानदेय, शासन ने बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →भोपाल। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों का संचालन करने वाली पैक्स एवं लैम्प्स समितियों के विक्रेताओं को अतिरिक्त पारिश्रमिक और मानदेय भुगतान का रास्ता साफ हो गया है। आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश ने प्रदेश के संबंधित जिलों को पत्र जारी कर योजना क्रमांक 1504 के तहत अतिरिक्त मानदेय के लिए बजट उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
9 सितंबर 2026 को जारी पत्र के अनुसार, पैक्स एवं लैम्प्स समितियों के विक्रेताओं को वर्तमान में मिल रहे पारिश्रमिक के अतिरिक्त सेगमेंट कोड 0101 के तहत प्रति विक्रेता प्रति माह 2741 रुपए, सेगमेंट कोड 0102 के तहत 2982 रुपए और सेगमेंट कोड 0103 के तहत 3000 रुपए के मान से भुगतान का प्रावधान किया गया था। यह राशि 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2025 तक कुल 18 माह की अवधि के लिए बजट में आवंटित की गई थी।
कार्यालय को प्राप्त डीडीओ वाइज बजट आवंटन एवं एक्सपेंडिचर रिपोर्ट के परीक्षण के बाद यह सामने आया कि निर्धारित समयावधि में राशि के आहरण एवं उपयोग की स्थिति के आधार पर संशोधित दरों के अनुसार पुनः बजट आवंटन किया जा रहा है। पत्र में सेगमेंट कोड 0101 के लिए प्रति विक्रेता प्रति माह 2982 रुपए तथा सेगमेंट कोड 0102 और 0103 के लिए क्रमशः 3000 रुपए प्रति माह की दर का उल्लेख किया गया है।
आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाओं ने संबंधित उप और सहायक आयुक्त सहकारिता को निर्देश दिए हैं कि आवंटित बजट का वित्तीय वर्ष की समय-सीमा में अनिवार्य रूप से आहरण कर समितियों को राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उपयोगिता प्रमाण-पत्र और संबंधित अभिलेखों की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी करने को कहा गया है।
जारी दस्तावेजों में विभिन्न जिलों की पैक्स एवं लैम्प्स समितियों, विक्रेताओं की संख्या और उनके लिए निर्धारित अतिरिक्त पारिश्रमिक की राशि का विवरण भी दिया गया है। इसमें सामान्य, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए अलग-अलग सेगमेंट कोड के आधार पर समितियों एवं विक्रेताओं का विवरण दर्ज किया गया है।
इस निर्णय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्य दुकानों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पैक्स एवं लैम्प्स समितियों के विक्रेताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से उचित मूल्य दुकानों के संचालन से जुड़े विक्रेताओं के पारिश्रमिक को लेकर उठ रहे मुद्दों के बीच शासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।