पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
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भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और एक्ट्रेस धनश्री वर्मा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रहे. उनका तलाक भी बुरे मोड़ पर हुआ.
दोनों अपने रिश्ते और विवाद को लेकर हेडलाइन्स में भी लंबे समय तक रहे थे. दोनों पर ही धोखा देने का आरोप प्रत्यारोप लगा था.
ऐसे में अब युजवेंद्र चहल ने अपने तलाक को लेकर बात की है और खुलासा किया है कि धनश्री वर्मा से अलग होने के बाद वो बुरी तरह से टूट गए थे.
दरअसल, युजवेंद्र चहल ने हाल ही में आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में शिरकत की थी और इस दौरान उन्होंने प्रोफेशनल जीवन के साथ ही पर्सनल लाइफ को लेकर भी बात की थी.
उन्होंने तलाक के बाद की अपनी हालत को लेकर खुलकर बात की और बताया कि इसके वजह से उन्हें पैनिक अटैक, शराब की लत तक लग गई थी. ज्यादा शराब पीने की वजह से उन्हें 26 दिनों तक रिहैब सेंटर में रहना पड़ा था.
तलाक के बाद बिगड़ गई थी मानसिक स्थिति
युजवेंद्र चहल ने इसी पॉडकास्ट में बताया, 'जीवन में संतुलन महत्वपूर्ण है लेकिन असल जिंदगी में इस पर अमल करना आसान नहीं है. तलाक के बाद हालात बेकाबू हो गए थे. मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी.
मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं इसी रास्ते पर चलता रहा तो मैं उस चीज को बर्बाद कर दूंगा, जिससे मुझे ज्यादा प्यार है. यानी कि क्रिकेट.'
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शराब की लत को लेकर युजवेंद्र चहल ने कहा, 'मुश्किल दिनों परिवार और दोस्त ही आपका साथ देते हैं.
मैंने पिछले साल ही काउंटी क्रिकेट के बाद शराब छोड़ दी थी. क्योंकि हालात बेकाबू हो गए थे. मैं रिहैब सेंटर में रहा. वहां पर 26 दिन बिताए. अब मुझे पता है कि इससे कैसे निपटना होता है.'
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📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के तलाक के बाद मानसिक संकट, पैनिक अटैक और शराब की लत के बारे में है, जिसमें उन्होंने 26 दिन रिहैब सेंटर में इलाज कराया। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक सार्वजनिक व्यक्ति के निजी संघर्ष को उजागर करता है, जो समाज में मानसिक स्वास्थ्य और लत के प्रति जागरूकता बढ़ा सकता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग यह समझें कि प्रसिद्धियों के पीछे भी सामान्य मनोवैज्ञानिक चुनौतियाँ होती हैं, और वे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता और उपलब्धता को बेहतर रू