पैरा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप:शूटर अवनी को देखकर उठाई राइफल, अब उसी से आगे निकली जयपुर की मोना, पैरा वर्ल्ड शूटिंग में सिल्वर जीता
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राजस्थान की मोना अग्रवाल की कहानी कुछ ऐसी ही है। टोक्यो पैरालिंपिक में जब राजस्थान की व्हीलचेयर शूटर अवनी लेखरा ने गोल्ड मेडल जीता, तब मोना दूर जयपुर में बैठी उनकी उपलब्धि देख रही थीं। उस दिन शायद उन्हें भी नहीं पता था कि यह पल उनकी जिंदगी की दिशा बदल देगा। अवनी की सफलता ने मोना को शूटिंग में आने के लिए प्रेरित किया।
इससे पहले मोना सिटिंग वॉलीबॉल और शॉटपुट में हिस्सा लेती थीं। लेकिन राइफल थामने के बाद उनका सफर लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता गया। गुरुवार को दक्षिण कोरिया के चोंगवन में पैरा वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप में मोना ने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग इवेंट में 250.0 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता।
वह गोल्ड जीतने वाली सर्बिया की खिलाड़ी से महज 0.2 अंक पीछे रहीं। सबसे खास बात यह रही कि उनकी प्रेरणा अवनी लेखरा 229.4 अंक के साथ कांस्य पदक पर रहीं। जिस खिलाड़ी को देखकर मोना ने निशानेबाजी शुरू की थी, उसी के साथ एक ही पोडियम पर खड़े होकर मोना ने अपनी अलग पहचान बना ली। टीम इवेंट में अवनी से पीछे मोना को इस प्रदर्शन के साथ लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक का कोटा भी हासिल हुआ।
टीम इवेंट में भारत ने 1878.6 अंक के साथ गोल्ड जीता। भारतीय टीम में मोना के साथ अवनी लेखरा और मिली मनीष कुमार शाह शामिल थीं। इसमें अवनी (629.4), मोना (626.8) और मिली मनीषकुमार शाह (622.4) का स्कोर किया। पेरिस पैरालिंपिक-2024 में मोना ने इसी इवेंट में ब्रॉन्ज जीता था, जबकि अवनी ने गोल्ड हासिल किया था।
अब मोना के खाते में विश्व चैंपियनशिप का सिल्वर और पैरालिंपिक कोटा है। इस सफर में उनके कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन और मेहनत की भी अहम भूमिका रही।
📡 स्रोत: NewsData.io