PAK को जिस मुस्लिम देश ने भेजे हथियार, अब हमसे दोस्ती को बेताब, बोला- 'भारत नाराज..'
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का साथ देने वाला तुर्किये अब भारत से रिश्ते सुधारता नजर आ रहा है. खबरें हैं कि तुर्किये अब शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का पूर्ण सदस्य भी बनना चाहता है और अगर ऐसा होता है तो इस ग्रुप में एक और NATO देश की एंट्री हो जाएगी.
जून में तुर्किये के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने कहा था, "हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध रहें, क्योंकि भारत के साथ हमारी कोई सीमा नहीं है. कोई द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है. मतलब भारत के साथ हमारा बुरा इतिहास भी नहीं रहा है." उन्होंने कहा, 'हमारे रूस के साथ, अमेरिका के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं.
कुछ यूरोपीय देशों के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन हम नकारात्मक मुद्दों को हटाकर सकारात्मक एजेंडा के साथ आगे बढ़ते हैं.' फिदान ने कहा, 'मुझे लगता है कि भारत और तुर्किये के बीच ऐसा ही होना चाहिए क्योंकि हमारे बीच सहयोग के लिए बहुत कुछ है."
क्या बोले तुर्किये के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने कहा, 'तुर्किये ही एकमात्र देश नहीं है, जिसके पाकिस्तान से अच्छे और भाईचारे वाले संबंध हैं, ऐसे और भी कई देश हैं.
अगर भारत कोई कार्रवाई करता है या उन देशों से नाराज होता है, जिनके पाकिस्तान से अच्छे संबंध हैं और वो उसका साथ देना पसंद करते हैं तो मुझे नहीं पता.' उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि द्विपक्षीय स्तर पर भारत के साथ हमें कोई परेशानी नहीं है और हम अपील करते हैं कि भारत इसे अलग तरह से न ले.'
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तुर्किये भारतीय कारोबार और निवेश से जुड़ने का इच्छुक है. भारतीय पर्यटक भी तुर्किये की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं.
एक ओर जहां तुर्किये मार्बल, मशीनरी और खेती से जुड़ी चीजों को निर्यात करता है जबकि भारत केमिकल, मशीनरी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी चीजें भेजता है. कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद तुर्किये ने भारत की पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की आलोचना की थी.
इतना ही नहीं बल्कि तुर्किये में बने ड्रोन भी भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने इस्तेमाल किए थे. खास बात है कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच कथित तनाव का एक बड़ा मुद्दा रहा है.
एर्दोगन लगातार कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करते रहे हैं. अप्रैल 2026 में भारत और तुर्किये ने विदेश कार्यालय स्तर पर बातचीत शुरू की. खास बात है कि ऐसा 4 सालों के लंबे अंतराल के बाद हुआ. हाल ही में ड्रग तस्कर सलीम डोला के प्रत्यर्पण में तुर्किये ने मदद की थी.
कहा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच अपराधियों के प्रत्यर्पण को लेकर बात चल रही है. ये भी पढ़ें आसमान से दुश्मनों पर मौत बरसाएगा भारत, ग्लाइड बम टेस्ट, जानें पावर
📡 स्रोत: NewsData.io