पाकिस्तानी सीमा पर बाज बटालियन, ड्रोन वॉरफेयर की तैयारी पूरी

भारतीय सेना ने अपनी पहली ड्रोन बटालियन को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है.
भारतीय सेना के मुताबिक, पाकिस्तान सीमा से सटी पंजाब के जालंधर की 11वीं कोर, जिसे वज्र कोर के नाम से भी जाना जाता है, उसके अंतर्गत इस बटालियन को खड़ा किया गया है. भारतीय सेना ने इसे बाज बटालियन का नाम दिया है.
फिलहाल, इस बटालियन में इजरायल के हेरोन और सर्चर ड्रोन को शामिल किया गया है. इसके अलावा Quadcoptrs यानी छोटे FBP ड्रोन हैं. ये ड्रोन बटालियन, भारतीय सेना की आर्मी एविएशन कोर का हिस्सा हैं. ठीक वैसे, जैसे सेना की सिख, जाट और गोरखा रेजीमेंट और अन्य इंफेंट्री के अंतर्गत होती हैं.
आने वाले समय में अमेरिका से लिए जाने वाले MQ-9 प्रीडेटर ड्रोन भी इसका हिस्सा बनेंगे. सेना ने नई बाज बटालियन खड़ी करने का किया फैसला दरअसल, भारतीय सेना यानी थलसेना के पास इस समय करीब 50 हजार ड्रोन हैं और आने वाले 2-3 साल में ये संख्या लगभग डबल यानी एक लाख हो जाएगी.
ऐसे में FPB, लोएटरिंग म्युनिशन, स्वार्म ड्रोन और रिमोटलैस पायलट एयरक्राफ्ट (RPA) के इंटीग्रेशन के लिए सेना ने इस नई बाज बटालियन खड़ी करना का फैसला किया है. ये सेना की ड्रोन से जुड़ी सबसे नई यूनिट है.
ये सभी यूनिट ड्रोन अटैक से जुड़ी हैं यानी जब भारत को दुश्मन देश पर ड्रोन अटैक करना है या बॉर्डर की निगरानी करनी है, उस दौरान इनका इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा, दुश्मन के ड्रोन को काउंटर करने के लिए भी भारतीय सेना स्वदेशी कंपनियों के साथ मिलकर ड्रोन इंटरसेप्टर और काउंटर-ड्रोन सिस्टम तैयार कर रही है.
इनमें से कुछ सिस्टम्स को बॉर्डर पर तैनात भी कर लिया गया है. जैसा हम जानते हैं कि अमेरिका जैसे सुपरपावर के खिलाफ ईरान के शहीद ड्रोन ने मिडिल-ईस्ट की जंग का रुख बदल दिया है.
ठीक वैसे जैसे पिछले चार साल से ड्रोन की ताकत के जरिए यूक्रेन जैसे देश ने मिलिट्री सुपरपावर माने जाने वाले रूस को बांधकर रखा है. ऐसे में भारतीय सेना को भी ड्रोन वॉरफेयर के लि
📡 स्रोत: ABP Live