पालचरा में 13 दिन बाद खत्म हुआ गतिरोध, प्रभावित परिवारों को 1.83 करोड़ का मुआवजा मंजूर
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कुल्लू की सैंज घाटी के पालचरा गांव में पार्वती जलविद्युत परियोजना चरण-दो की एडिट-5 सुरंग में रिसाव से हुई तबाही के 13 दिन बाद प्रभावित परिवारों के मुआवजे पर सहमति बन गई है। एनएचपीसी ने प्रभावित परिवारों को 1 करोड़ 83 लाख 29 हजार 278 रुपये का मुआवजा देने की मंजूरी दी है। वहीं, क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल व्यवस्था और वन क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए 2 करोड़ 9 लाख 52 हजार 250 रुपये स्वीकृत किए गए हैं।नगवाईं में पत्रकार वार्ता के दौरान परियोजना के महाप्रबंधक रंजीत सिंह ने बताया कि 19 सितंबर को एडिट-5 सुरंग में रिसाव के बाद पानी और मलबा पालचरा गांव में घुस गया था।
इससे मकान, दुकानें, कैफे, सड़क, पेयजल व्यवस्था और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा था। प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने नुकसान का आकलन किया, जिसके आधार पर एनएचपीसी ने मुआवजा और मरम्मत कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की है।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सड़क, पेयजल और वन क्षेत्र से संबंधित कार्य लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और वन विभाग के माध्यम से करवाए जाएंगे। वन विभाग की ओर से डंपिंग साइट की बहाली के लिए तैयार किए जाने वाले एस्टीमेट पर भी एनएचपीसी कार्य करेगा। प्रभावित परिवारों, पंचायत प्रतिनिधियों और एनएचपीसी प्रबंधन के बीच लिखित समझौते के बाद सड़क बहाली को मंजूरी दे दी गई है।
इसके बाद एडिट-5 की ओर जाने वाली 14 हजार आरडी सड़क की बहाली का काम मशीनरी के माध्यम से शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि 19 सितंबर की रात सड़क बंद होने के कारण 11 टैक्सियां, 10 निजी वाहन और दो बोलेरो कैंपर फंस गए थे। सड़क बहाली के बाद इन वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ टैक्सी संचालकों और पर्यटकों को भी राहत मिली है।
समझौते पर एपीएमसी अध्यक्ष राम सिंह मियां की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए।
बाइट - रंजीत सिंह, परियोजना के महाप्रबंधक