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पांच साल की नौकरी देने की कसमें खाने वाले आउटसोर्स कर्मियों की जान लेने पर उतारू हैं: जयराम ठाकुर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पांच साल की नौकरी देने की कसमें खाने वाले आउटसोर्स कर्मियों की जान लेने पर उतारू हैं: जयराम ठाकुर

बोले: चार साल में चार लाख नौकरियां देने की बजाय हर साल आउटसोर्स के हजारों लोगों की नौकरियां छीनी गईं

अक्तूबर 06 कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय विजय मनकोटिया और स्वर्गीय रामचंद्र भाटिया के आवास जाकर उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदना जताकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वह नगरोटा बगवां में कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों से मिले।

इसके बाद मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने सुक्खू सरकार पर जमकर हमला बोला। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने झूठ बोलने की सारी हदें पार कर दी। नेता चौक-चौराहे पर खड़े होकर पांच साल वाली नौकरी देने की कसमें खा रहे थे। पहले कैबिनेट में एक लाख और कुल पांच लाख नौकरियां देने की गारंटी दे रहे थे।

अब सरकार बने 4 साल हो गए हैं। उनकी चार लाख नौकरियां कहां गईं? नौकरियां देना तो दूर, उन्होंने हर साल पूर्व सरकार में आउटसोर्स पर रखे गए हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया। सरकार के अंदर रहम नाम की कोई चीज नहीं है। बीते कल ही मंडी के नेर चौक मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मी ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

क्योंकि सरकार ने बिना कुछ पूछे-समझे उसे नौकरी से निकाल दिया। सरकार प्रदेशवासियों से आंखें मूंद सकती है लेकिन जिसका परिवार है, वह कहां जाएगा? उनकी बातें सुनकर किसी का भी हृदय द्रवित हो जाएगा। आए दिन का हाल हो गया है, मित्रों के अलावा सरकार किसी के हित की चिंता नहीं कर रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सुक्खू सरकार के बीच की कलह पूरे प्रदेश के सामने है।

बड़ी-बड़ी बातें करने वाले मुख्यमंत्री बार-बार कैबिनेट की बैठकें टाल रहे हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि यह बैठकें क्यों टाली जा रही हैं, क्या कैबिनेट मंत्री ही बैठकों से किनारा कर रहे हैं क्योंकि सरकार में मंत्रिमंडल के बजाय मित्र मंडल की चल रही है? सरकार की नाकामी की कीमत पूरे प्रदेश के लोग चुका रहे हैं।

और मुख्यमंत्री सिर्फ झूठ बोलकर अपनी नाकामियों को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उनके झूठ का भांडा फूट चुका है। पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश की जनता का भरोसा कांग्रेस से उठ गया है। लाहौल स्पीति में भी जिला परिषद के अध्यक्ष के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी की जीत के बाद 12 में से 11 जिला परिषद पर भारतीय जनता पार्टी के कब्जे से मुख्यमंत्री के सभी षड्यंत्र नाकाम हुए हैं।

ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने देश की राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू के सामने भी अपने झूठ की गठरी खोल दी। उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी हो रही है? प्रदेश के पांच सौ से ज्यादा सर्जन ने रोबोटिक सर्जरी की ट्रेनिंग भी ले ली है। हैरानी इस बात की है कि क्या मुख्यमंत्री को यह पता नहीं है कि प्रदेश में कितने मेडिकल कॉलेज हैं और उन्होंने कितनी रोबोटिक सर्जरी की मशीन खरीदी हैं?

प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में कितने सर्जन हैं और उनमें से कितने सर्जन को रोबोटिक सर्जरी करने का प्रशिक्षण दिलवाया गया है। लोग उनके इस दावे से हैरान हैं? चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेज के मरीज रोबोटिक सर्जरी वाले ब्लॉक का पता पूछ रहे हैं। राष्ट्रपति के सामने किए गए अपने दावे को साबित करने के लिए मुख्यमंत्री को एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, जिसमें वह प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में हो रही रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी में प्रशिक्षित सर्जन का पूरा विवरण हो।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब भी किसी की नौकरी या आजीविका खतरे में हो, तो हमें कानूनी और शांतिपूर्ण माध्यमों से समाधान ढूंढना चाहिए। संघर्ष के समय संवाद और न्यायिक प्रक्रियाएँ ही स्थायी समाधान देती हैं। समाज को चाहिए कि वह ऐसे कार्यों के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करे और रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखने के लिए नीतियों को सुदृढ़ करे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।