पंचायत चुनाव में ऊंट-बैलगाड़ी से नहीं कर सकेंगे प्रचार:सरपंच को 1 और जिला परिषद उम्मीदवार को 3 वाहन की अनुमति, पढ़ें पूरे नियम
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →पंचायतीराज चुनाव में इस बार उम्मीदवार प्रचार के लिए तय संख्या से ज्यादा वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग के अनुसार जिला परिषद सदस्य उम्मीदवार अधिकतम 3, पंचायत समिति सदस्य 2 और सरपंच उम्मीदवार 1 वाहन प्रचार में इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रचार में लगाए जाने वाले वाहनों की जानकारी पहले रिटर्निंग ऑफिसर को देना जरूरी होगा।
उम्मीदवार ऊंट या बैलगाड़ी से भी प्रचार नहीं कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने इन्हें कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में माना है। ऐसे वाहनों का प्रचार में इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन मानते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। चुनाव खर्च की सीमा दोगुनी पंचायतीराज चुनाव में उम्मीदवारों की खर्च सीमा भी बढ़ाई गई है।
अब सरपंच 1 लाख, पंचायत समिति सदस्य 1.5 लाख और जिला परिषद सदस्य 3 लाख रुपए तक चुनावी खर्च कर सकेंगे। पहले यह सीमा क्रमश: 50 हजार, 75 हजार और 1.5 लाख रुपए थी। सरपंच के लिए जमानत राशि 500 रुपए सामान्य वर्ग के सरपंच उम्मीदवार को 500 रुपए जमानत राशि जमा करनी होगी। वहीं महिला, एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए यह राशि 250 रुपए है।
8वीं-10वीं पास की अनिवार्यता नहीं सरपंच चुनाव लड़ने के लिए 8वीं या 10वीं पास होना जरूरी नहीं है। यह शैक्षणिक योग्यता की बाध्यता वर्ष 2019 में हटा दी गई थी। मौजूदा नियमों के अनुसार अन्य पात्रताएं पूरी करने वाला निरक्षर व्यक्ति भी सरपंच, वार्ड पंच या पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ सकता है।
दो से ज्यादा संतान पर पुरानी रोक भी खत्म दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने की पुरानी अयोग्यता भी अब लागू नहीं है। मार्च 2026 में विधानसभा से संशोधन विधेयक पारित होने और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
📡 स्रोत: NewsData.io