पंचायतों तक पहुंचेगी बैंकिंग सेवाएं मुखिया बताएंगे योजनाओं का लाभ
सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और मजबूत बिहार बनाने के उद्देश्य से शनिवार को लहेरियासराय ऑडिटोरियम में बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से मुखिया आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पंचायतों के मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैंक अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीणों के लिए संचालित बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में बिहार ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर दिवाकर कुमार, बहेड़ी निमैठी ग्रामीण बैंक की शाखा प्रबंधक मेघा झा समेत कई बैंककर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और गरीब, किसान व जरूरतमंद परिवारों को बैंक से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाना रहा। रीजनल मैनेजर दिवाकर कुमार ने कहा कि बैंक और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर संवाद व सहयोग स्थापित करना जरूरी है।
बैंक की कई योजनाएं पोर्टल के माध्यम से संचालित हो रही हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव में लोग उनका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। मुखिया रोजाना ग्रामीणों के संपर्क में रहते हैं। उन्हें योजनाओं की जानकारी होगी तो वे सही जानकारी गांव के लोगों तक पहुंचा सकेंगे।
सम्मेलन में कृषि ऋण, जीविका स्वयं सहायता समूह ऋण, एमएसएमई और स्वरोजगार के लिए ऋण, सरकारी सुरक्षा योजनाओं, वित्तीय समावेशन और डिजिटल बैंकिंग की जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा के लिए अनावश्यक रूप से बिचौलियों के चक्कर में पड़ने की जरूरत नहीं है।
किसी भी योजना या ऋण की जानकारी के लिए सीधे बैंक की शाखा से संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम में सबसे अहम जानकारी उन किसानों और ग्राहकों के लिए रही, जो किसी कारण पुराने बैंक ऋण की राशि नहीं चुका सके और उनका सिविल स्कोर खराब हो गया।
बैंक की ओर से बताया गया कि ऐसे ग्राहक भी आवश्यक प्रक्रिया और समझौते की शर्तें पूरी करने के बाद आगे ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे लंबे समय से बैंकिंग सुविधा से दूर किसानों को दोबारा आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
📡 स्रोत: NewsData.io