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पांढुर्ना में हल्दी उत्पादक किसानों को मिला वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण, गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पांढुर्ना में हल्दी उत्पादक किसानों को मिला वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण, गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

भुम्मा में स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया ने आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक्रम; कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीज, फसल रोगों के उपचार और हल्दी के बेहतर विपणन से उचित मूल्य पाने के बताए तरीके।

पांढुर्ना, नवंबर 03: जिले के ग्रामीण क्षेत्र भुम्मा में स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया के तत्वावधान में हल्दी उत्पादक किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को हल्दी की गुणवत्ता सुधारने और उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीके बताए गए। स्पाइस बोर्ड के सहायक निदेशक के.पी.

नंदकुमार सहित कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीज चयन, फसलों में रोगों की पहचान और उपचार की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने रासायनिक और जैविक पद्धति से उत्पादित हल्दी के विपणन तथा उचित मूल्य प्राप्त करने के उपाय भी समझाए। प्रशिक्षण में शामिल किसानों ने बताया कि उन्हें जैविक खेती में उत्पादन बढ़ाने के लिए उपयोगी जानकारी मिली है।

विशेषज्ञों ने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग हल्दी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने में सहायक होगा।

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बाइट – डॉ. भरत गुड्धे, वैज्ञानिक, स्पाइस बोर्ड

बाइट- डॉ. सुन्दरलाल आलाह, वैज्ञानिक बाइट- मटरुलाल डोंगरे, प्रशिक्षणार्थी

बाइट- मोरेश्वर दाड़वे, किसान

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।