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पांढुर्णा जिले के ग्राम बेरडी में अखंड हरिनाम सप्ताह की परंपरा का भव्य समापन हुआ

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पांढुर्णा जिले के ग्राम बेरडी में अखंड हरिनाम सप्ताह की परंपरा का भव्य समापन हुआ

बेरडी में सौ साल पुरानी परंपरा का भव्य समापन, अखंड हरिनाम सप्ताह में उमड़े डेढ़ लाख श्रद्धालु

दही लाही महाप्रसाद और कीर्तन बना आकर्षण, मध्यप्रदेश के दूसरे पंढरपुर में भक्ति का संगम

पांढुर्णा जिले के ग्राम बेरडी में भगवान विठ्ठल-रुक्मिणी की आराधना से जुड़ी 100 वर्षों से अधिक पुरानी अखंड हरिनाम सप्ताह की परंपरा का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर दही-लाही महाप्रसाद और महाकाले के कीर्तन में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु शामिल हुए। वारकरी संप्रदाय की भक्ति परंपरा और महाराष्ट्रीयन संस्कृति के इस आयोजन को मध्यप्रदेश का दूसरा पंढरपुर भी कहा जाता है।

सप्ताह के दौरान काकड़ आरती, भागवत कथा, हरिपाठ और अखंड नामसंकीर्तन जैसे कार्यक्रम हुए। परंपरा के अनुसार, दही-लाही मंदिर के ऊपर से श्रद्धालुओं की ओर उछाली जाती है, जिसे भक्त अपनी झोली में ग्रहण करते हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने यातायात, सुरक्षा तथा दर्शन की व्यापक व्यवस्थाएं कीं।

------ बाइट- जितेंद्र छागानी , पुजारी नरेंद्र पटेल, ग्रामीण

विदिता धनखड़ , पुलिस अधीक्षक -----

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।