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पांडुलिपियों के संरक्षण को मिला डिजिटल संबल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पांडुलिपियों के संरक्षण को मिला डिजिटल संबल

'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत जयपुर में पांडुलिपि डिजिटलीकरण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पांडुलिपि प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

जयपुर, 28 सितम्बर। 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में पांडुलिपि डिजिटलीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राजस्थान की प्राचीन और महत्वपूर्ण पांडुलिपियों के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित कई अधिकारी, विद्वान और आचार्य मौजूद रहे। इस दौरान राजस्थान की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, उनके संरक्षण और डिजिटलीकरण से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की गई।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कार्यक्रम के दौरान लगाई गई पांडुलिपि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में प्राचीन ज्ञान और साहित्य से जुड़ी पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया गया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण का अच्छा काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पांडुलिपि डिजिटलीकरण के क्षेत्र में राजस्थान पहले स्थान पर है।

कार्यशाला के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक राजस्थान की ज्ञान एवं साहित्यिक विरासत को डिजिटल माध्यम से पहुंचाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने रखा गया।\

बाइट - श्रीमती दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री, राजस्थान

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।