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पंजाब: पत्रकारों पर डिजिटल मीडिया पर दबाव बना रही AAP सरकार

लेखक: DD News अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पंजाब: पत्रकारों पर डिजिटल मीडिया पर दबाव बना रही AAP सरकार

अगस्त 18, नई दिल्ली: दिल्ली में अभिव्यक्ति की आजादी और सेंसरशिप के खिलाफ मुखर रहने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) अब पंजाब में अपने ही दावों के विपरीत कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। पंजाब में AAP सरकार और पार्टी से जुड़े लोगों पर आरोप है कि उन्होंने आलोचनात्मक खबरें दिखाने वाले पत्रकारों और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की आवाज दबाने के लिए 'कॉपीराइट कानून' का इस्तेमाल किया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल अक्टूबर से AAP की ओर से फेसबुक पर पत्रकारों के कम से कम 48 वीडियो और पोस्ट पर कॉपीराइट के दावे किए गए। इसके बाद लाखों फॉलोअर्स वाले कई फेसबुक पेज या तो प्रभावित हुए या हटा दिए गए। आलोचकों और मीडिया संगठनों का सवाल है कि क्या कॉपीराइट जैसे कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल अब राजनीतिक असहमति और आलोचना को रोकने के हथियार के रूप में किया जा रहा है।विवाद तब और बढ़ गया जब जिन पोस्ट्स पर कॉपीराइट स्ट्राइक भेजी गईं, उनमें कथित तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के सोशल मीडिया पोस्ट, सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीरें, विधानसभा की कार्यवाही और सार्वजनिक दस्तावेज शामिल थे। आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं और सरकारी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री पर इस तरह के दावे पंजाब में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय हैं।विपक्षी दलों ने इसे 'दोहरा मापदंड' बताते हुए अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान पर निशाना साधा है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछने वाली पत्रकारिता को कानूनी हथियारों के जरिए कमजोर किया जा सकता है...पंजाब में उठे इस विवाद में आम आदमी पार्टी चौतरफा घिरती नजर आ रही है..।

फोटो- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (फाइल फोटो)

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