राज्य

पंजाब में रिटायर्ड टीचर ने थाने की जमीन बेच दी:फिजियोथेरेपिस्ट कब्जा लेने पहुंचा तो पता चला; पिता बोला- पूरा परिवार स्प्रे पीकर मर जाएगा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पंजाब में रिटायर्ड टीचर ने थाने की जमीन बेच दी:फिजियोथेरेपिस्ट कब्जा लेने पहुंचा तो पता चला; पिता बोला- पूरा परिवार स्प्रे पीकर मर जाएगा

पंजाब के मानसा जिले में रिटायर्ड टीचर ने फिजियोथेरेपिस्ट को पुलिस थाने की जमीन ही बेच डाली। इसका खुलासा तब हुआ, जब फिजियोथेरेपिस्ट जमीन का कब्जा लेकर दुकान बनाने पहुंचा। नींव खोदते ही जमीन के मालिक आ गए और उसे भगा दिया। फिजियोथेरेपिस्ट उन्हें कहता रहा कि रिटायर्ड टीचर ने यही जमीन दिखाई थी।

जब विवाद बढ़ने पर पटवारखाने से रिकॉर्ड निकलवाया गया तो पता चला कि यह जमीन तो थाना सिटी बरेटा की है। इसके बाद फिजियोथेरेपिस्ट ने उसी पुलिस थाने में इसकी शिकायत की है। उसका कहना है कि 32 लाख जमीन मालिक ने लिए और 4 लाख उसकी रजिस्ट्री वगैरह में लग गए। जब उसने रिटायर्ड टीचर से बात की तो वह उल्टा गालियां देने लगा।

फिर उसने फोन बंद कर लिया। वह 6 बार जमीन पर कब्जा लेने जा चुका है लेकिन उसे हर बार भगा देते हैं। 6 पाइंट में जाने थाने की जमीन बेचने की कहानी… 1. आरोपी की दुकान के साथ दुकान, वहीं से जमीन बिकने का पता चला सतबीर ने बताया कि वह बरेटा मंडी में फिजियोथेरिपी की दुकान चलाता है। उसकी दुकान के साथ ही आरोपी की दुकान है।

वहीं से उसे 6 महीने पहले बस स्टेंड बरेटा के पास 3 बिस्वा जमीन बिकने का पता चला। दलाल डालकर बात की तो पता चला कि जमीन रिटायर्ड टीचर बिलास चंद की है। बिलास चंद ने जमीन दिखाई और सौदा कर लिया। 2. 32 लाख का सौदा, रजिस्ट्री में निकली दूसरी जमीन

विक्रेता रिटायर टीचर विलास से संपर्क के बाद आरोपी पक्ष के साथ 32 लाख रुपए में जमीन खरीदने का सौदा तय हुआ। सौदा तय करते समय जमीन का नंबर 9 दिया गया और सब कुछ सही होने का भरोसा दिया गया। लेकिन रजिस्ट्री के बाद प्रशासनिक टीम ने निशानदेही की तो जमीन नंबर 13 में निकली। 3.

कब्जा लेने गया तो मालिकों ने भगा दिया, जांच में जमीन थाने की हद में निकली इसके बाद उसने विक्रेता से बात की और वही जमीन होने की बात कही। जब वह नींव खोदने पहुंचा तो मालिकों ने उसे भगा दिया। इसके बाद रजिस्ट्री की फर्द में दिखाए गए नंबर की खोज शुरू की और पटवारी से पूरा रिकॉर्ड निकलवाया।

पड़ताल में पता चला कि जमीन पुलिस थाने की हद में आती है। बिलास से दोबारा बात की तो उसने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और कह दिया कि वह जो चाहे कार्रवाई कर ले। 4. 36 लाख खर्च, छह बार कब्जा लेने की कोशिश पीड़ित सतबीर सिंह ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री, कागजी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया में अब

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।