पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने वायु प्रदूषण के प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़ी बैठक की अध्यक्षता की
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पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने केंद्रित हितधारक सहभागिता के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के प्रबंधन और नियंत्रण पर चर्चा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्रियों और सचिवों तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के अध्यक्षों और सदस्य सचिवों ने भाग लिया। बैठक के दौरान श्री यादव ने वायु प्रदूषण से निपटने के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समन्वित और केंद्रित हितधारक सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने राज्य सरकारों द्वारा प्रस्तुत विशिष्ट हितधारक सहभागिता योजनाओं पर भी चर्चा की और राज्यों से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने तथा उन्हें अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने का आग्रह किया।
श्री यादव ने राज्यों को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार उनके साथ है और वायु प्रदूषण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए उनके सकारात्मक प्रयासों को आवश्यक सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करेगी।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
वायु प्रदूषण का प्रबंधन एक जटिल मुद्दा है जिसमें सरकार, उद्योग और नागरिक समाज को मिलकर काम करना पड़ता है। यह विषय दिल्ली-एनसीआर और आस-पड़ोस के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जहाँ धुएँ और धूल के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रमुख राज्य के पर्यावरण मंत्रियों और बोर्ड के सदस्यों के साथ मिलकर एक समन्वित रणनीति बनाने का निर्णय लिया है। यदि योजनाएँ सफल होती हैं, तो आम जनता को स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य और कम चिकित्सा खर्च का लाभ मिलेगा।