पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने मादक पदार्थो के खिलाफ कतई बदार्शत नही करने की नीति घोषित की
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मुख्यमंत्री ने न्यू टाउन में नशा मुक्त भारत 2029 कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए आज कहा कि केंद्र और राज्य की एजेंसियां पूरे राज्य में मादक पदार्थ विरोधी संयुक्त अभियान चला रही हैं।
आज बिधाननगर में लगभग 31 करोड़ रुपये कीमत की प्रतिबंधित कफ सिरप की करीब तीन लाख से अधिक बोतलें नष्ट की गईं। इससे पहले, बालुरघाट में लगभग 20 करोड़ रुपये कीमत की दो लाख बोतलें नष्ट की गई थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के आपराधिक मामलों में मादक पदार्थो के उपयोग का संबंध सामने आया है। सरकार सीमावर्ती इलाकों में अफीम और गांजे की अवैध खेती को खत्म करने और ड्रग तस्करी को उसकी जड़ से रोकने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार के दखल के बाद विशेष कार्य दल की जांच शक्तियों को बरकरार रखे जाने के बाद, अब विशेष कार्य दल स्वतंत्र रूप से मामलों की जांच कर सकती है।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
नशा के खिलाफ संघर्ष में हमें न केवल दंडात्मक कदमों पर निर्भर रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा, जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से समाज को पुनर्निर्मित करना चाहिए। जब नशे की बोतलें नष्ट होती हैं, तो यह एक चेतावनी है कि हमें नशे के मूल कारण—उदासीनता, बेरोजगारी और सामाजिक अलगाव—से निपटना होगा। परिवारों को संवाद और समर्थन से सशक्त करें, और युवा वर्ग को स्वस्थ विकल्पों की ओर प्रेरित करें। इस प्रकार हम एक स्वच्छ, समृद्ध और सहानुभूतिपूर्ण समाज का निर्माण कर सकते हैं।