व्यापार

पश्चिम एशिया संकट से तेल कीमतों में भारी उछाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
पश्चिम एशिया संकट से तेल कीमतों में भारी उछाल

सितंबर 14, नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट और यमन में तेज होते संघर्ष के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके चलते सोमवार को तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।

हूतियों की ओर से सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे और लाल सागर में उसके जहाजों पर हमलों के साथ खाड़ी क्षेत्र में ईरानी हमलों ने तेल आपूर्ति संकट की आशंका बढ़ा दी है।

सऊदी अरब की एक अहम तेल पाइपलाइन के पहले ही बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। इसका असर तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत 2.90 डॉलर यानी 2.77 प्रतिशत बढ़कर 107.51 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स की कीमत 2.27 डॉलर यानी 2.27 प्रतिशत बढ़कर 102.32 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

बाजार खुलने के समय तेल की कीमतों में शुरुआती बढ़त 3 प्रतिशत से अधिक रही थी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और यमन में तीव्र युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। इस क्षेत्र में हूतियों द्वारा सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे पर हमले तथा लाल सागर में जहाजों पर हमलों ने बाजार को चौंका दिया है। इस वजह से तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेज़ उछाल देखा गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की कीमतें ऊर्जा लागत, परिवहन और औद्योगिक उत्पादन को प्रभावित करती हैं। आम जनता पर इसका असर बढ़ती पेट्रोल कीमतों, घरेलू बजट पर दबाव और आर्थिक अस्थिरता के रूप में महसूस

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।