पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट : आरोपी शकील के घर चला बुलडोजर:महमूदपुर गांव में 5 कमरों के मकान को ध्वस्त किया, जुटी रही भीड़
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →प्रयागराज कौशांबी बार्डर पर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में 14 लोगों की मौत के बाद शुरू हुआ पुलिस और प्रशासन का एक्शन अभी जारी है। शुक्रवार को प्रशासन ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शकील के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी में हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।
प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की लागत से बने पांच कमरों वाले अवैध मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि यह मकान पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में फरार चल रहे और 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी शकील का है। पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
मामले में मुख्य आरोपी नौशाद समेत चार आरोपी पहले ही जेल पहुंच चुके हैं। वहीं, प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है और आरोपियों से जुड़े ठिकानों पर शिकंजा कसा जा रहा है। महमूदपुर मनौरी में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही।
कार्रवाई को लेकर इलाके में काफी देर तक हड़कंप का माहौल बना रहा। प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर के मोहम्मदपुर गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मातम के साथ लोगों का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे-जैसे शव गांवों में पहुंचे, परिजनों का दर्द गुस्से में बदलता गया। बुलडोजर एक्शन के बाद भी नहीं थमा आक्रोश हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का मकसद लोगों का गुस्सा शांत करना था, लेकिन हादसे में जान गंवाने वाले सभी परिवार इससे संतुष्ट नहीं हैं।
परिजनों का कहना है कि सिर्फ कार्रवाई से उनके अपनों की जान वापस नहीं आ सकती। वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हादसे की पूरी जांच चाहते हैं। फैक्ट्री मालिक नौशाद एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार अवैध पटाखा फैक्ट्री के मालिक नौशाद (50) को पुलिस ने मंगलवार तड़के एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी। मामले में लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर, छह दरोगा समेत 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। एक पैर मिला था, पोस्टमार्टम हाउस में पिता ने बेटे को पहचाना हादसे में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 13 हो गई।
मेडिकल कॉलेज में एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं पोस्टमार्टम हाउस में रखे एक शव की पहचान उसके पिता ने अपने बेटे सुनील के रूप में की। सुनील के पिता सरजू दास सोमवार को मलबे में बेटे की तलाश करते रहे थे। उस दौरान उन्हें सिर्फ एक पैर मिला था, लेकिन शव नहीं मिल पाया था।
मंगलवार सुबह भी वह मलबे के पास बेटे को खोजते दिखे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पोस्टमार्टम हाउस भेजा, जहां उन्होंने शव की पहचान की। मलबे से जिंदा निकली बच्ची सदमे में हादसे के दौरान मलबे से एक बच्ची को जिंदा निकाला गया था। इलाज के बाद मंगलवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिली और वह घर पहुंची।
हादसे के सदमे का असर बच्ची पर साफ दिखाई दिया। बातचीत की कोशिश करने पर वह इतनी डरी हुई थी कि कुछ बोल नहीं सकी। परिवार उसे संभालने में जुटा है। 8 बच्चों समेत 14 शवों का पोस्टमार्टम पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले 8 बच्चों समेत सभी 14 शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।
शवों के गांव पहुंचने के साथ ही अलग-अलग परिवारों में मातम का माहौल है। हादसे की भयावहता और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आए मंजर को लेकर ड्रोन शॉट्स भी तैयार किए गए हैं। इनमें तबाह हुए मकानों और घटनास्थल की स्थिति साफ दिखाई दे रही है।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि अवैध पटाखा फैक्ट्री इतने लंबे समय तक कैसे चलती रही और जिम्मेदारों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। ग्राफिक्स से समझिए कहां हुआ था विस्फोट...
📡 स्रोत: NewsData.io
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद शकील नामक आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके घर पर बुलडोजर चलाकर अवैध मकान ध्वस्त किया। यह घटना प्रयागराज कौशांबी बार्डर पर हुई, जहां 14 लोगों की मौत हुई थी। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि प्रशासन अपराधियों के ठिकानों को नष्ट करके न्याय की ठोस कार्रवाई कर रहा है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि सुरक्षा में सुधार महसूस होगा, परंतु अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदमों से कुछ लोगों में भय और असुरक्षा भी बढ़ सकती है।